केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे के वाहन को बिना जांच जाने देने पर एक अवर निरीक्षक सहित तीन पुलिसकर्मियों को रविवार (07 सितंबर) को निलंबित कर दिया गया है। बता दें कि पटना के आयुक्त आनंद किशोर के आदेश पर यह कदम उठाया गया है। बताया जा रहा है कि पुलिसकर्मियों को काम में कोताही बरतने के लिए निलंबित किया गया है। बता दें कि देश भर में नए यातायात कानून सख्ती से लागू किया जा रहा है। ऐसे में नियमों को तोड़ने वालों को भारी भरकम जुर्माना या सजा भी दिया जा रहा है। बता दें कि हर रोज चालान कटने के अजीबों गरीब वाक्य सामने आ रहा है।
क्या है पूरा मामलाः बता दें कि यातायात पुलिस अधीक्षक डी अमरकेश के साथ किशोर रविवार को बेली रोड स्थित बिहार म्यूजियम के समीप नए मोटर वाहन संशोधन अधिनियम 2019 के तहत सघन जांच कर रहे थे। इसी दौरान केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे की काले शीशे लगी कार वहां से गुजरी। कार चला रहे उनके बेटे अर्जित चौबे वहां पहुंचे। बता दें कि उनके साथ गाड़ी में उनके परिवार के अन्य सदस्य भी सवार थे। इस बीच पुलिसकर्मियों ने उनकी गाड़ी को जांच के लिए रोक दिया, लेकिन कुछ समय तक कोई भी पुलिसकर्मी वहां जांच के लिए नहीं पहुंचा। बताया जा रहा है कि इसके बाद अर्जित बिना जांच कराए ही गाड़ी को लेकर वहां से रवाना हो गए।
National Hindi Khabar, 09 September 2019 LIVE News Updates: पढ़ें आज की बड़ी खबरें
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पुलिस पर लापरवाही का आरोपः मामले में आयुक्त ने पुलिसकर्मियों को जुर्माने की राशि वसूलने में लापरवाही बरतने का दोषी पाया। इस पर अवर निरीक्षक देवपाल पासवान और आरक्षी दिलीप चंद्र सिंह एवं पप्पू कुमार को निलंबित किए जाने का निर्देश यातायात पुलिस अधीक्षक को दिया।

