भाजपा जिलाध्यक्ष के नाम के आगे ‘श्री’ नहीं लिखने पर विवाद इस कदर बढ़ गया कि बीजेपी और एमसीडी कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए। हाथापाई भी हो गई। दोनों ओर से थाने में शिकायत दर्ज करवायी गई है। मामला दिल्ली के शकरपुर थाना क्षेत्र का है। मामले को शांत कराने के लिए सांसद महेश गिरी और महापौर विपीन बिहारी को भी थाने जाना पड़ गया। ईस्ट एमसीडी हेडक्वार्टर से लेकर भाजपा के प्रदेश मुख्यालय तक में इस मामले की चर्चा होती रही। हालांकि, बाद में दोनों पक्षों के अन्य लोग मामले को रफादफा करने में जुट गए हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बीते सोमवार को ईस्ट एमसीडी ने शकरपुर मुख्या बाजार के विकास मार्ग पर बने एक प्रवेश द्वार पर साइन बोर्ड लगाया था। इस बोर्ड को लगाने के लिए भाजपा जिलाध्यक्ष रामकिशोर शर्मा और भाजपा पार्षद नीतू त्रिपाठी के बीच कई महीनों से तनाव का माहौल था। लेकिन जब सोमवार को यहां बोर्ड लगा तो उस पर सांसद महेश गिरी और स्थानीय पार्षद नीतू त्रिपाठी का नाम लिखा था। बोर्ड पर रामकिशोर शर्मा का नाम न होने से मामले ने तूल पकड़ लिया और फिर नया बोर्ड लगाया गया। अगले दिन उसी बोर्ड पर जिलाध्यक्ष राम किशोर शर्मा का नाम लिखा मिला। लेकिन सांसद महेश गिरी के नाम पर आगे श्री और नीतू त्रिपाठी के नाम के अागे श्रीमति लिखा हुआ था, जबकि राम किशोर शर्मा के नाम के आगे श्री नहीं लिखा था।

 

नाम के आगे ‘श्री’ न लिखा होना रामकिशोर शर्मा को नागवार गुजरा। बताया जा रहा है कि उन्होंने इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए शकरपुर वार्ड के जूनियर इंजीनियर को बुलाया। इस दौरान वहां भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष अभय कुमार वर्मा सहित पार्टी के करीब एक दर्जन लोग भी मौजूद थे। जब रामकिशोर शर्मा ने इंजीनियर से उनके नाम के आगे श्री नहीं लगाने की बात पूछी तो उन्होंने कहा कि यह मैनें नहीं किया है। मैंने सिर्फ सांसद और पार्षद के नाम का बोर्ड लगाया था। इस बात को लेकर दोनों के बीच बहस शुरू हो गई। दोनों पक्ष के लोग आपस में भिड़ गए।

वहीं, इस पूरे मामले पर ‘अाप’ ने कहा कि एमसीडी के जूनियर इंजीनियर और उनकी टीम की मेरे क्षेत्र में भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष व जिला अध्यक्ष ने इस बात पर पिटाई कर दी की वहां पर जो भाजपा का बोर्ड लग रहा था उसमे वहां की भाजपा पार्षद का नाम सबसे ऊपर था। कल ओबपी शर्मा ने अधिकारीयों को ठोकने की बात कही थी उसे आज साबित भी कर दिया