नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने दिल्ली में खतरनाक स्तर पर पहुंच चुके एयर पॉल्यूशन और स्मॉग से निपटने में “ढिलाई” दिखा रही दिल्ली सरकार को फटकार भी लगाई थी।उच्चतम न्यायालय ने अगले आदेश तक दिल्ली एनसीआर में पटाखे रखने, जमा करने और बेचने का लाइसेंस रद्द करने का आदेश दिया। न्यायालय ने केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को पटाखे में इस्तेमाल होने वाली सामग्रियों के हानिकारक प्रभावों का तीन महीने में अध्ययन करने का निर्देश दिया।शहर में क्रेन के जरिए पानी का छिड़काव करने के सरकार के फैसले पर सवाल उठाते हुए एनजीटी ने पूछा था कि इस काम के लिए क्रेन का इस्तेमाल क्यों किया जा रहा है, हेलीकॉप्टर का क्यों नहीं। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने हाल ही में शहर में फैली धुंध को नियंत्रित करने के लिए कुछ घोषणाएं की थी। सरकार ने एलान किया था कि सोमवार से सभी स्कूलों को तीन दिन के लिए बंद किया जाएगा और पांच दिन के लिए निर्माण कार्यों पर रोक लगाई जाएगी । साथ ही कहा गया था कि पानी का छिड़काव भी किया जाएगा।
दिल्ली में दिवाली के बाद अचानक से बढ़े प्रदूषण ने 17 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया था। ऐसे में कई बड़ी कंपनी और उनके मालिक दिल्ली से बाहर निकलने लगे थे। Paytm के फाउंडर विजय शेखर शर्मा प्रदूषण से परेशान होकर दिल्ली छोड़कर कुछ वक्त के लिए मुंबई शिफ्ट हो गए थे। उन्होंने आने वाली सर्दी के दिनों में और प्रदूषण और धुंध बढ़ने का डर जताते हुए ऐसा किया था। विजय शेखर ने तब कहाथा, ‘साफ देखा जा सकता है कि आने वाले दिनों में दिल्ली में रहना आसान नहीं होगा।’
SC orders ban on selling of fire crackers in Delhi & NCR due to growing pollution in the region
— ANI (@ANI) November 25, 2016

