दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) के हिंदू कॉलेज में सालों से चली आ रही ‘वर्जिन ट्री’ की पूजा को लेकर गुरुवार को कॉलेज के अंदर और बाहर हंगामा रहा। हंगामे को देखते हुए 1953 से चली आ रही पूजा, आरती और फोटो से संबंधित कुछ परंपराओं में बदलाव किए गए। बताया जाता है कि स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआइ) के कार्यकर्ताओं और पिंजरा तोड़ की छात्राओं के उग्र प्रदर्शन को देखते हुए इस बार आरती नहीं की गई। इस दौरान एसएफआइ और एबीवीपी के कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे के खिलाफ जमकर नारेजाबी की।

हिंदू कॉलेज के श्रेयश मिश्रा ने बताया कि ‘वर्जिन ट्री’ की पूजा का विरोध कॉलेज की कुछ छात्राओं ने किया है, इसलिए इसमें कुछ बदलाव किए गए, लेकिन एसएफआइ और पिंजरा तोड़ के बाहरी तत्त्वों ने कॉलेज में आकर हंगामा किया जबकि अधिकतर कॉलेज के विद्यार्थी पूजा के समर्थन में थे। एसएफआइ समर्थक कॉलेज की छात्रा नीलंजीता का कहना है कि यह पूजा पूरी तरह से महिला विरोधी है।

लड़कियों की अर्धनग्न तस्वीर और आरती के जो बोल हैं, वह इसकी पुष्टि करते हैं। डेढ़ महीने से इसके खिलाफ कॉलेज और छात्रावासों में अभियान चलाया जा रहा है। कॉलेज के कुछ विद्यार्थियों ने बताया कि बाहरी तत्त्वों ने कॉलेज परिसर में आकर मारपीट भी की है। दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ अध्यक्ष शक्ति ने इस पूरे मामले में कॉलेज प्रचार्या को लिखित शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है।

हिंदू कॉलेज के गेट के बाहर बुधवार रात से ही हंगामा जारी था। पिंजरा तोड़ की छात्राओं ने मिरांडा हाउस कॉलेज के छात्रावास में रात के कर्फ्यू का समय बढ़ाने को लेकर जश्न मना रही थीं। आरोप है कि ये छात्राएं हिंदू कॉलेज के गेट को फांदकर छात्रावास पहुंचीं और ‘वर्जिन ट्री’ में लगे पोस्टर को फाड़ा। गुरुवार सुबह से ही एसएफआइ और एबीवीपी के कार्यकताओं में हल्की झड़प हुई और एक-दूसरे के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। एसएफआइ के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि हमारे कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट की गई है जिसकी हमने थाने में शिकायत की है।