वरिष्ठ वकील राम जेठमलानी अब अरविंद केजरीवाल के मानहानि मुकदमें नहीं लड़ेंगे। उन्होंने केस छोड़ अरविंद केजरीवाल से उनकी फीस को भी सेटल करने को कहा है जो तकरीबन 2 करोड़ रुपये है। बता दें अरुण जेटली द्वारा दिल्ली के केजरीवाल पर 10 करोड़ रुपये के मानहानि केस में केजरीवाल की तरफ से पैरवी राम जेठमलानी कर रहे थे। दरअसल, मंगलवार (25 जुलाई) को इस मुकदमे की सुनवाई के दौरान केजरीवाल ने हाई कोर्ट से कहा कि उन्होंने अपने वकील राम जेठमलानी से जेटली पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के लिए नहीं कहा था। केजरीवाल ने कोर्ट से कहा कि उन्होंने जेठमलानी को पत्र लिखकर यह बात कही थी कि वे अपनी उस बात को वापस लें।
बता दें मानहानि मुकदमे की एक सुनवाई 17 मई, 2017 को हुई थी जिसमें केजरीवाल की तरफ से केस लड़ रहे जेठमलानी ने जिरह के दौरान अरुण जेटली के लिए CROOK (बदमाश) शब्द का इस्तेमाल कर उल्लेखित किया था। इसके जवाब में अरुण जेटली ने उनसे कहा था, ‘क्या आपको इतने भद्दे शब्द का इस्तेमाल करने की मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अनुमति दी है। केजरीवाल के कोर्ट में इंकार करने के बाद जेठमलानी ने उनका केस नहीं लड़ने का फैसला लिया है। टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक जेठमलानी ने केजरीवाल से उनकी फीस सेटल करने को भी कहा है।
इसके अलावा जेठमलानी ने केजरीवाल पर और कई आरोप लगाए हैं। जेठमलानी ने उन पर निजी बैठकों के दौरान, अरुण जेटली के खिलाफ कड़ी आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोप लगाए हैं। जेठमलानी ने पत्र में अपनी फीस सेटल करने को भी कहा है। बता दें दिल्ली सरकार ने इसी साल फरवरी महीने में जेठमलानी को 3.5 करोड़ दिए थे। गौरतलब है जेटली ने दिसंबर 2015 में अरविंद केजरीवाल, राघव चड्ढ़ा सहित छह आप नेताओं पर मानहानि का केस किया था। आम आदमी पार्टी के नेताओं ने जेटली पर आरोप लगाया था कि जेटली ने दिल्ली जिला क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष के 13 साल के कार्यकाल में कई वित्तीय गड़बडि़यां कीं।
