जम्मू-कश्मीर के पुंछ सेक्टर में रविवार को पाकिस्तान सेना के एक हेलिकॉप्टर ने भारतीय हवाई सीमा का अतिक्रमण किया। यह हेलिकॉप्टर नियंत्रण रेखा के इस पार सात सौ मीटर तक घुस आया था। अग्रिम मोर्चों से भारतीय सेना की सतर्क कार्रवाई के बाद यह हेलिकॉप्टर वापस लौट गया। इस हेलिकॉप्टर में पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के प्रधानमंत्री रजा फारूक हैदर सवार थे। इस घटनाक्रम को लेकर रक्षा मंत्रालय ने तीखी प्रतिक्रिया जताई है। रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता के मुताबिक, रविवार को पाकिस्तानी सेना के इस हेलीकाप्टर ने दोपहर करीब 12:10 बजे गुलपुर सेक्टर से लेकर ढल्लान सेक्टर तक उड़ान भरी। जबकि, नियंत्रण रेखा के दोनों तरफ करीब एक किलोमीटर तक हेलिकॉप्टर के उड़ान भरने पर प्रतिबंध है। पाकिस्तानी सेना के इस हेलीकॉप्टर के भारतीय सीमा में घुसने के तुरंत बाद भारतीय सेना ने कार्रवाई की। नोल, सुसर और हाथी इलाके में तैनात सेना के जवानों ने इस हेलिकॉप्टर पर छोटे हथियारों से गोलियां बरसार्इं। यह गोलीबारी हेलिकॉप्टर के पायलट को यह संकेत देने के लिए की गई कि उसने सीमा का उल्लंघन किया है।

भारतीय जवानों की कार्रवाई के बाद हेलिकॉप्टर के वापस लौटने के कुछ देर बाद पाकिस्तानी सेना ने बयान जारी करके कहा गया है कि गलती से हेलिकॉप्टर भारतीय सीमा में चला गया था। इस हेलिकॉप्टर प्रधानमंत्री रजा फारूक हैदर सवार थे। सीमा क्षेत्र का उल्लंघन कर यह हेलिकॉप्टर वापस कहुटा में उतरा। पाकिस्तानी सेना के मुताबिक, हेलिकॉप्टर सुरक्षित उतरा। रजा फारूक हैदर इस हेलिकॉप्टर से नियंत्रण रेखा के पास स्थित तरोरी इलाके में गए थे। सेना के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल देवेंद्र आनंद ने बताया कि हेलिकॉप्टर देखते ही अग्रिम मोर्चे पर तैनात पहरेदारों ने छोटे हथियारों से गोलियां चलाईं।

भारतीय रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, फिलहाल सुरक्षा बलों को सतर्क कर दिया गया है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आखिर किस मकसद से पाकिस्तान का यह हेलिकॉप्टर भारतीय सीमा में दाखिल हुआ। भारतीय सेना के द्वारा जारी एक वीडियो में दिख रहा है कि सफेद रंग का एक पाकिस्तानी हेलिकॉप्टर भारतीय सीमा में उड़ रहा है और वह भारतीय सैनिकों की ओर से की गई कार्रवाई के बाद लौट जाता है। सेना के अधिकारियों के मुताबिक, जितनी ऊंचाई पर यह हेलिकॉप्टर उड़ रहा था, उससे लगता है कि यह इलाके में जासूसी के मकसद से घुस आया था। अंतरराष्ट्रीय नियमों के अनुसार पंखों वाला कोई विमान नियंत्रण रेखा के एक किलोमीटर नजदीक नहीं आ सकता, जबकि बगैर पंखों वाला कोई विमान सीमा के 10 किलोमीटर नजदीक नहीं आ सकता।