बिजली कंपनियों से जुड़े दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के बयान को उपराज्यपाल नजीब जंग ने झूठा और भ्रामक बताया है। सोमवार को राज निवास की ओर से जारी विज्ञप्ति में कहा गया कि उपराज्यपाल कार्यालय ने किसी भी विशिष्ट फाइल को नहीं मंगवाया है। राज निवास की ओर से जारी विज्ञप्ति में यह भी कहा गया है, ‘फाइलें दिल्ली सरकार द्वारा माननीय उच्च न्यायलय के दिनांक 4 अगस्त 2016 के आदेश के तहत उपराज्यपाल सचिवालय भेजी गई जिनमें संवैधानिक त्रुटियां हो सकती हैं। यह अति दुर्भाग्यपूर्ण है कि तथ्यात्मक रूप से गलत और भ्रामक बयान सार्वजनिक किए जा रहे हैं।’
विज्ञप्ति में हाई कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए कहा गया है, ‘दिल्ली सरकार द्वारा उर्जा विभाग की फाइल संख्या 58/ 2010 विभाग /1856 दिनांक 2015/12/ 06 के अंतर्गत की गई कार्यवाई, जिसके अनुसार दिल्ली विद्युत नियामक आयोग को उपभोक्ताओं को प्रदान की जाने वाली बिजली में व्यवधान एवं उसके एवज में मुआवजा प्रदान किए जाने के नीति निर्देश दिए गए थे, अवैध और असंवैधानिक हैं क्योंकि इस तरह के नीति निर्देश उपराज्यपाल के विचारों के बिना जारी नहीं हो सकते। उपराज्यपाल कार्यालय ने अब तक इस मुद्दे पर कोई ताजा आदेश जारी नहीं किए हैं।’

