दिल्ली बाल अधिकार संरक्षण आयोग (डीसीपीसीआर) ने बुधवार को संकट में फंसे हुए बच्चों के मुक्ति के लिए ‘बाल हेल्पलाइन प्रतिक्रिया प्रणाली’ की शुरुआत की। इस मौके पर दिल्ली के महिला एवं बाल विकास मंत्री कैलाश गहलोत ने बुधवार को कहा कि संकट में फंसे बच्चों को समय पर मदद पहुंचाने के लिए प्रत्येक उपमंडल में सचल इकाइयों को तैनात करने संबंधी एक प्रस्ताव लाया जाएगा।

कैलाश गहलोत ने दिल्ली बाल अधिकार संरक्षण आयोग (डीसीपीसीआर) की बाल हेल्पलाइन प्रतिक्रिया प्रणाली की शुरुआत के अवसर पर यह बात कही। इसके तहत यह सुनिश्चित किया जाएगा कि 30 मिनट के भीतर संकट से घिरे बच्चे को मदद पहुंचाई जा सके। उन्होंने दिल्लीवालों से बच्चों के खिलाफ अपराध की जानकारी 9311551393 नंबर पर देने की अपील की।

दिल्ली बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष अनुराग कुंडू के मुताबिक ‘चिल्डेन डिस्ट्रेस रिस्पांस हेल्पलाइन टीम’ बच्चों को खतरे और शोषण के जोखिम से बचाने के लिए इलाके में दौरा करेगी। बाल विवाह, बाल मजदूरी, बाल तस्करी आदि की स्थिति में जोखिम वाले बच्चों को भी इनके जरिए मुक्त कराया जा सकेगा। इसके अलावा, लापता बच्चों, फुटपाथ या सड़क किनारे रहने वाले और अनाथ बच्चों की सहायता भी सुनिश्चित की जाएगी।

डीसीपीसीआर को बाल हेल्पलाइन प्रतिक्रिया प्रणाली के लिए दिल्ली राज्य औद्योगिक एवं बुनियादी ढांचा विकास निगम की ओर से 10 वाहन उपलब्ध कराए गए हैं। इस सेवा के उद्घाटन के मौके पर मौजूद दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा कि संकट में फंसे बच्चों तक 30 मिनट के भीतर मदद पहुंच जाएगी। सुबह 9 बजे से रात 11 बजे तक पूरे सप्ताह काम करेगी और बाद में इसे पूरे हप्ते चौबीसों घंटे हेल्पलाइन सेवा में विस्तारित किया जाएगा।