राष्ट्रीय राजधानी में डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया के मामले बढ़ते ही जा रहे हैं। इस साल अब तक डेंगू के 487, मलेरिया के सात और चिकनगुनिया के 423 मामले सामने आ चुके हैं। निगम की रिपोर्ट के मुताबिक, इस मौसम में अभी तक डेंगू के 487 मामले दर्ज किए गए हैं जिसमें से 368 मामले अगस्त में दर्ज किए गए। दक्षिणी दिल्ली नगर निगम के मुताबिक, 20 अगस्त तक डेंगू के 311 मामले दर्ज किए गए, जबकि 176 मामले पिछले हफ्ते सामने आए। दक्षिणी दिल्ली नगर निगम राजधानी के सभी नगर निकायों की ओर से डेंगू की रिपोर्ट तैयार करता है।

नगर निगम अधिकारियों की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली में चिकनगुनिया के मामले बढ़कर 423 हो गए हैं। निगम अधिकारियों ने पिछले हफ्ते सिर्फ 20 मामले सामने आने की बात कही थी। सोमवार को जारी एक निगम रिपोर्ट के मुताबिक, 27 अगस्त तक राष्ट्रीय राजधानी में चिकनगुनिया के 423 मामले सामने आए हैं। सफदरजंग अस्पताल में 29 अगस्त तक करीब 250 मामले सामने आए। सफदरजंग अस्पताल के मेडिकल अधीक्षक एके राय के मुताबिक शहर में चिकनगुनिया के मामले बढ़ गए हैं। हमें ऐसे लक्षणों वाले ज्यादा मरीज मिल रहे हैं। 29 अगस्त तक हमारे अस्पताल में 246 मामले सामने आए।

दिल्ली और देश के अन्य हिस्सोंं से खून के नमूने हासिल करने वाली एम्स की प्रयोगशालाओं में जुलाई से लेकर 20 अगस्त तक चिकनगुनिया के 362 नमूने पॉजिटिव पाए गए। एम्स के माइक्रोबायोलॉजी विभाग के डॉ ललित धर के मुताबिक हमारी प्रयोगशालाओं में भेजे गए 133 नमूनों में से 83 को जुलाई और इस महीने 20 अगस्त तक पॉजिटिव पाया गया। 502 नमूनों में से 279 को चिकनगुनिया के लिए पॉजिटिव पाया गया।  चिकनगुनिया एक वायरल बुखार है। इस बीमारी के लक्षण डेंगू जैसे ही हैं, जिसमें तेज बुखार, जोड़ों में भयंकर दर्द, मांसपेशियों में दर्द, सिर में दर्द और जोड़ों में सूजन जैसे लक्षण नजर आते हैं। चिकनगुनिया की चपेट में आए मरीजों के शरीर में चकत्ते भी हो जाते हैं, लेकिन यह डेंगू जैसा खतरनाक नहीं है। डेंगू में प्लेटलेट में अचानक कमी के कारण रक्तस्र्राव का खतरा रहता है ।