दिल्ली विश्वविद्यालय में नए सत्र की पढ़ाई 20 जुलाई से शुरू होगी। इसको लेकर रैगिंग के खिलाफ कड़े कदम उठाए गए हैं। डीयू प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि छात्र-छात्रा रैगिंग करते पाए गए तो उनका दाखिला रद्द कर दिया जाएगा। विश्वविद्यालय ने एंटी रैगिंग हेल्पलाइन 1800-1805522 जारी किया गया है। इसके आलावा उत्तरी परिसर के छात्र 011-27667221 पर व दक्षिण परिसर के छात्र 011-24119832 पर रैगिंग की शिकायत कर सकते हैं। रैगिंग की घटना होने पर कॉलेजों को इसकी सूचना डीयू व यूजीसी को भी देनी होगी। डीयू के रजिस्ट्रार तरुण दास ने कहा कि डीयू के प्रोटोकॉल बोर्ड की एक बैठक में आकादमिक सत्र की शुरुआत के साथ छात्रों के प्रवेश को सुगम बनाने के विभिन्न उपायों पर चर्चा की गई। हमने विश्वविद्यालय के विभिन्न कालेजों में रैगिंग की रोकथाम और अनुशासन बनाए रखने के लिए दिल्ली पुलिस और डीटीसी को साथ लिया है।
कॉलेज प्राचार्यों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने यहां जल्द से जल्द एंटी रैगिंग व अनुशासन समिति का गठन करें। रैंगिंग की घटना न हो इसके लिए अब सरकार के अलावा निजी हॉस्टल पर भी नजर रखी जाएगी। इस बाबत पुलिस नजर रखेगी और निजी हॉस्टलों को हिदायत देगी। इतना ही नहीं रैंगिंग न हो इसके लिए सादी वर्दी में पुलिस कॉलेजों के आसपास रहेगी। इसके लिए एक टीम भी बनाई गई है। इसमें डीन स्टूडेंट्स वेलफेयर, डिप्टी प्रॉक्टर, डिप्टी डीन व चीफ सिक्योरिटी ऑफिसर आदि रहेंगे। यह टीम कभी भी कॉलेज या हॉस्टल में औचक निरीक्षण कर सकती है। छात्राओं की सुरक्षा को लेकर मार्शल आर्ट से प्रशिक्षित महिला पुलिस भी तैनात की जाएंगी।
विश्वविद्यालय ने डीयू प्रॉक्टर, डीन स्टूडेंट वेलफेयर, दिल्ली पुलिस के अधिकारी और डीयू के प्रशासनिक अधिकारियों ने बैठक कर कॉलेजों को रैगिंग रोकने के लिए पुख्ता इंतजाम करने को कहा है। बैठक में फैसला लिया गया कि कॉलेज के बाहर सादी वर्दी में भी पुलिस तैनात रहेगी, जो मनचलों और रैगिंग करने वालों को सबक सिखाएगी। महिला पुलिसकर्मियों को भी सादी वर्दी में तैनात किया जाएगा। कॉलेज एंटी रैगिंग व अनुशासन समिति के सदस्यों के नाम, फोन नंबर और ई-मेल संबंधित विभाग व हॉस्टल के नोटिस बोर्ड व वेबसाइट पर भी उपलब्ध कराएंगे।
सभी कॉलेजों के बाहर पुलिस चौकी होगी और महिला कालेजों को विशेष सहायता दी जाएगी। रोकथाम या दंडात्मक उपाए के बारे में प्राचार्य कदम उठाएंगे, हालांकि राजनीतिक दलों द्वारा दीवार गंदा करने पर अगर जरूरी हुआ तब पुलिस सीधे कार्रवाई करेगी। अगर कालेज अधिकारी महसूस करेंगे तब रैगिंग करने वालों के खिलाफ पुलिस की मदद ले सकते हैं। दास ने कहा कि सभी कालेजों से एंटी रैगिंग और सतर्कता दल गठित करने को कहा गया है। महिलाओं और बच्चों के लिए मार्शल आर्ट्स से प्रशिक्षित विशेष पुलिस इकाई को विश्वविद्यालय में संवेदनशील स्थानों पर तैनात किया जाएगा।
कॉलेज प्रशासन विद्यार्थियों के इन समितियों तक पहुंचने की प्रक्रिया को सहज बनाएं और सदस्यों की जानकारी प्रचारित की जाए। कॉलेज, विभाग व हॉस्टल में चुनिंदा स्थानों पर शिकायत पेटियां भी लगाएं ताकि छात्र डर से या अपनी पहचान गोपनीय रखते हुए शिकायत करना चाहता है तो वह शिकायत कर सके। नए सत्र की शुरुआत के अवसर पर होने वाले ओरियंटेशन डे कार्यक्रम में कॉलेज नए विद्यार्थियों को इन कमेटियों व रैगिंग से जुड़े नियमों की जानकारी भी दें।
इतना ही नहीं डीटीसी बसों में भी एंटी रैगिंग हेल्पलाइन नंबर लगाए जाएंगे। संवेदनशील जगहों पर सीसीटीवी कैमरे से नजर रखी जाएगी। रैगिंग की घटना में पकड़े जाने पर छात्र को निलंबित या निष्कासित कर दिया जाएगा। महत्त्वपूर्ण है कि कॉलेजों में नए सेशन को लेकर हर साल एंटी रैंगिंग को लेकर तैयारी होती है। मसलन कॉलेजों में एंटी रैंगिंग कमेटियां व डिसिप्लिनरी कमेटियां, स्काव्यड आदि गठित किए जाते है। इसके अलावा कॉलेजों को यह भी कहा जा चुका है कि वे नोटिस बोर्ड पर एंटी रैंगिंग की हेल्पलाइन व इससे जुड़ी कमेटियों के बारे में विद्यार्थियों के लिए नोटिस आदि लगाएंगे। साथ ही कॉलेजों में कम्प्लेंट बॉक्स भी रखने को कहा गया है।

