दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल के धरने के सातवें दिन IAS अफसरों ने सीएम अरविंद केजरीवाल पर हमला बोला है। दिल्ली के प्रेस क्लब में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में आईएएस अफसरों ने कहा कि अधिकारी कोई हड़ताल पर नहीं हैं, वे लगातार काम कर रहे हैं। आईएएस एसोसिएशन की मनीषा सक्सेना ने कहा कि दिल्ली के अफसरों के हड़ताल पर होने की अफवाह पूरी तरह से झूठ और बेबुनियाद है। मनीषा सक्सेना ने कहा कि हमलोग सारी मीटिंग में शामिल हो रहे हैं, कई बार हमलोग छुट्टियों में भी काम कर रहे हैं। आईएएस एसोसिएशन की की वर्षा जोशी ने कहा कि उन्हें निशाना बनाया जाता है और प्रताड़ित किया जाता है। वर्षा जोशी ने कहा कि उन्हें राजनीतिक कारणों से इस विवाद में घसीटा जा रहा है। अफसरों ने कहा कि वे संविधान के मुताबिक काम कर रहे हैं। आईएएस अफसरों ने कहा कि उनपर निजी हमले किये जा रहे हैं।

बता दें कि दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल अपने तीन साथियों के साथ पिछले सात दिनों से एलजी अनिल बैजल के दफ्तर पर धरने पर बैठे हैं। सीएम केजरीवाल ने आरोप लगाया है कि दिल्ली के आईएएस अफसर पिछले चार महीनों से हड़ताल पर हैं। केजरीवाल ने एलजी से इन आईएएस अफसरों की हड़ताल खत्म कराने की मांग की है। आईएएस असोसिएशन ने कहा कि चीफ सेक्रेटरी अंशु प्रकाश पर हुए हमले के बाद अधिकारी डरे सहमे हैं। उन्होंने कहा कि इस पूरे विवाद से उनका कोई लेना-देना नहीं है। उन्हें महज राजनीतिक कारणों से निशाना बनाया जा रहा है। अधिकारियों ने कहा कि वे दिल्ली में बेहद असामान्य हालत में काम कर रहे हैं। जनता के द्वार तक सेवा पहुंचाने से जुड़े फाइलों को रोकने के मामले में अफसरों ने कहा कि इस फाइल के रुकने में आईएसएस का कोई रोल नहीं है।

इधर आईएएस अफसरों की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद सीएम अरविंद केजरीवाल ने ट्विटर के जरिये फिर से होला है। केजरीवाल ने ट्ववीट किया और कहा, “जब बैठी तानाशाही है, प्रधानमंत्री निवास में। उन्होंने आगे भी ट्वीट किया, “खूब करो साहेब कोशिश हमें मिट्टी में दबाने की, शायद आपको नहीं मालूम, कि ‘‘हम बीज हैं”
आदत है हमारी हर बार उग जाने की…”