बॉलीवुड में सुरीले गानों और विवादित बयानों से पहचाने जाने वाले सिंगर अभिजीत भट्टाचार्य को कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। मामला एक किडनैपिंग केस से जुड़ा हुआ है। पुलिस से न्यायालय से अभिजीत के नार्को टेस्ट की इजाजत मांगी थी, जिसे ठुकरा दिया गया। अभिजीत के टेस्ट देने के इंकार की वजह से पुलिस की मांग खारिज कर दी गई। एनबीटी की खबर के मुताबिक, दिल्ली के कालकाजी थाने में महिला की किडनैपिंग के केस में सिंगर अभिजीत भट्टाचार्य संदिग्ध हैं। जिसके चलते पुलिस ने टेस्ट की मांग की थी। चीफ मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट मनीष खुराना के सामने पेश हुए अभिजीत ने कहा कि उन्हें किडनी और दिल की बीमारी है, इसलिए टेस्ट नहीं करा सकते। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के मुताबिक, किसी की मंजूरी के बिना उसका टेस्ट नहीं कराया जा सकता।
बता दें कि, यह ऐसा पहला मामला नहीं है जिसके चलते अभिजीत विवादों में आए हों। बीते कुछ माह पहले ही अभिजीत पर महिला से बदसलूकी के आरोप के चलते केस दर्ज हुआ था। मामले में पुलिस ने बताया था कि सोसायटी में चल रहे एक काम के चलते दोनों में फोन पर बात के दौरान बहस हो गई। महिला ने आरोप लगाया था कि अभिजीत ने फोन पर ही गाली-गलौच शुरू कर दी। इसके बाद सिंगर अभिजीत पर धारा 509 के तहत एफआईआर दर्ज कराई गई थी। वहीं आईपीसी की धारा 506 के तहत भी मामला दर्ज किया गया था।
अपने ऊपर लगे बदसलूकी के आरोप पर अभिजीत ने कहा था कि, महिला उन्हें धमाका रही थीं। सिंगर कहते हैं- वह महिला मुझे धमकियां दे रही थी। वह जबरन वसूली कर रही थी। मैंने अपनी एक कमर्शियल जगह रेंट पर दी हुई है। मेरे किरायदारों ने वहां कुछ काम कराया। ऐसे में उस महिला ने इस पर परेशानी जाहिर की।’ सिंगर महिला पर आरोप लगाते हुए बताते हैं कि महिला ने गैरकानूनी तरह से अपने घर का दूसरा माला ऊपर चढ़ाया है।

