आम आदमी पार्टी (आप) के संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उनकी पार्टी कार्यकर्ताओं के खिलाफ सामाजिक सद्भाव बिगाड़ने और दो धार्मिक समुदायों के बीच नफरत फैलाने की कोशिश के आरोप में मंगलवार (17 अप्रैल) को केस दर्ज किया गया है। इससे एक दिन पहले आप के बागी विधायक कपिल मिश्रा ने एक वीडियो जारी कर आरोप लगाया था कि केजरीवाल के समर्थकों ने एक मस्जिद के बाहर भगवा कपड़े पहनकर हाथों में तलवार लेकर प्रदर्शन किया था। यह मामला रामनवमी के दिन का है, जब दिल्ली के शाहदरा इलाके में एक मस्जिद के बाहर लोगों ने राजनीतिक नारे लगाए थे और माहौल को खराब करने की कोशिश की थी।
बाद में बीजेपी ने आरोप लगाया था कि आप ने राजनीतिक फायदा लेने के लिए जान-बूझकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश की थी। पलटवार करते हुए आप नेता अमानतुल्ला ने इसे बीजेपी की साजिश करार दिया था। बाद में मस्जिद के सेक्रेटरी ने भी माना था कि जो तस्वीर मीडिया में दिखाई जा रही है, उसमें आम आदमी पार्टी से जुड़े लोग हैं। उसमें एक शख्स की पहचान इलाके के विधायक और विधान सभा अध्यक्ष रामनिवास गोयल के करीबी के रूप में हुई थी।
बता दें कि इस वीडियो को कपिल मिश्रा ने ट्वीट किया था और आरोप लगाया था कि आप दिल्ली में भगवा आतंक के नाम पर दहशत फैलाना चाहती थी। वीडियो में कथित तौर पर विधान सभा अध्यक्ष रामनिवास गोयल की भी आवाज होने का दावा किया गया है, जिसमें वो कथित तौर पर यह कहते हुए सुनाई दे रहे हैं कि मस्जिद के बाहर जुलूस रोक दो और हाथों में तलवार लेकर हवा में लहराओ। गौरतलब है कि कपिल मिश्रा पहले केजरीवाल सरकार में मंत्री थे लेकिन उन्हें ब्रखास्त कर दिया गया था। इसके बाद मिश्रा ने केजरीवाल पर अपनी आंखों के सामने स्वास्थ्य मंत्री सत्येन्द्र जैन से दो करोड़ रुपये कैश लेने का आरोप लगाया था। काफी विवाद के बाद केजरीवाल ने कपिल मिश्रा को पिछले साल पार्टी से सस्पेंड कर दिया था।
