दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल चिट्ठियों के जरिए संपर्क कर सीधे दिल्लीवासियों से जुड़ने की तैयारी कर रहे हैं। अपनी चिट्ठी के जरिए अरविंद केजरीवाल दिल्ली के लोगों से उनकी परेशानी को ई-मेल या फोन के जरिए बताने के लिए कहेंगे ताकि उनकी शिकायत पर तुरंत कार्यवाही की जा सके। टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार केजरीवाल दिल्ली विद्युत बोर्ड और बच्चों के परिजनों को पत्र लिखकर अपनी परेशानी बताने के लिए बोल चुके हैं जिन्होंने ईडब्लूएस कैटेगरी से एडमिशन प्राप्त किया है। मुख्यमंत्री का कहना है कि वे इस योजना के जरिए दिल्ली के लोगों की परेशानी जानना चाहते हैं।
केजरीवाल अब तक करीब 40 हजार लोगों को चिट्ठी लिखकर उनकी परेशानी पूछ चुके हैं और आने वाले दिनों में वे करीब 5 लाख लोगों को चिट्ठी लिखने की योजना बना रहे हैं। सीएमओ के एक वरिष्ठ अधिकारी द्वारा इस मामले पर कहा गया कि पांच लाख लोगों को चिट्ठी लेने के बाद केजरीवाल स्कॉलरशिप प्राप्त करने वाले छात्रों को चिट्ठी लिखने पर विचार करेंगे। बता दें कि दिल्ली में अलग-अलग स्कीम के तहत करीब दस लाख छात्रों को स्कॉलरशिप दी जाती है। हिन्दुस्तान टाइम्स के अनुसार केजरीवाल द्वारा सुल्तानपुरी के एक पेंशनधारक काली चरण को भेजे गए पत्र में लिखा है कि मुझे अपने बेटे की तरह समझो। जब भी किसी परेशानी से सामना हो तो मेरे पास आओ। इसके साथ ही केजरीवाल ने आखिर में अपने साइन किए है और लिखा है आपका बेटा।
इस पर बात करते हुए दिल्ली सरकार के प्रवक्ता अरुणदेय प्रकाश ने बताया कि इस कार्य को करने के पीछे का उद्देश्य की लोगों से जमीनी स्तर पर जुड़ा जाए और उनमें सरकारी के प्रति भरोसा जगाने की कोशिश की जाए। अब यह देखना बहुत ही रोचक होगा कि क्या दिल्ली वाले अरविंद केजरीवाल के पत्र का जवाब देते हुए उनसे अपनी परेशानी साझा करेंगे और अगर वे अपनी परेशानी शेयर करते भी हैं तो क्या अरविंद केजरीवाल की सरकार आम जनता की उम्मीदों पर खरी उतर पाएगी।
