नरेंद्र मोदी सरकार ने निजी क्षेत्र के मेधावी और दूरदर्शी पेशेवरों के लिए नौकरशाही का दरवाजा खोल दिया है। सरकार 10 ऐसे लोगों की बहाली करने जा रही है जो बिना यूपीएससी की परीक्षा दिये ही सीधे भारत सरकार में संयुक्त सचिव बनेंगे। सरकार के इस फैसले का मकसद नये टैलेंट को नौकरशाही में लाना और उन्हें निर्णय लेने की प्रक्रिया में शामिल करना है। मोदी सरकार के इस फैसले पर आम आदमी पार्टी के नेताओं ने कहा है कि नरेंद्र मोदी सरकार सीएम केजरीवाल के सुझाव को लागू कर रही है। आम आदमी पार्टी की नेता अलका लांबा ने कहा कि पीएम मोदी दिल्ली के सुझाव को जरूर मानते हैं। उन्होंने ट्वीट किया, “मोदी अरविंद केजरीवाल को माने या ना माने पर उनके सुझावों को जरूर मानते हैं, निराशा हो रही है कि दिल्ली में 3 साल पहले एलजी ने यह लागू नही होने दिया, परन्तु केजरीवाल के इस सुझाव को मोदी जी अपने चौथे साल में केंद्र में लागू करने जा रहे हैं। उस समय बोलने वाले आज खमोश हैं।”
PM मोदी @ArvindKejriwal को माने या ना माने पर उनके सुझावों को जरूर मानते हैं,
निराशा हो रही है कि दिल्ली में 3 साल पहले @LtGovDelhi ने यह लागू नही होने दिया, परन्तु केजरीवाल के इस सुझाव को मोदी जी अपने 4थे साल में केंद्र में लागू करने जा रहे हैं।उस समय बोले वाले आज खमोश हैं। https://t.co/XGQRk2KEOW
— Alka Lamba (@LambaAlka) June 11, 2018
Time has come to replace bureaucrats wid professionals and sector experts. Infuse fresh energy n ideas in governance
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) December 31, 2015
बता दें कि अलका लांबा ने इस ट्वीट के साथ ही दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल का 31 दिसबंर 2015 का एक ट्वीट रिट्वीट किया है। इस ट्वीट में केजरीवाल लिखते हैं, “वक्त आ गया है कि ब्यूरोक्रेट्स के बदले पेशेवर और सेक्टर एक्सपर्ट लाए जाएं, गवर्नेंस में नयी ऊर्जा और विचारों को जगह दी जाए।” आप नेताओं का कहना है कि उस समय बीजेपी नेताओं ने केजरीवाल सरकार के इस सुझाव की निंदा की थी।
बता दें कि भारत सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की ओर से जारी एक अधिसूचना के अनुसार, भारत सरकार ने राष्ट्र निर्माण में योगदान करने के लिए संयुक्त सचिव स्तर पर सरकार में शामिल होने के इच्छुक मेधावी और अभिप्रेरित भारतीय नागरिकों को आमंत्रित करने का फैसला किया है। संयुक्त सचिव सरकार में वरिष्ठ प्रबंधन का महत्वपूर्ण स्तर पर होते हैं, जो अपने विभागों में नीति निर्माण और विभिन्न कार्यक्रमों व योजनाओं के कार्यान्वयन में अहम भूमिका निभाते हैं। वह संबंधित मंत्रालयों में सचिव व अतिरिक्त सचिव को रिपोर्ट करते हैं। संयुक्त सचिव के पद आमतौर पर यूपीएससी द्वारा आयोजित परीक्षाओं के माध्यम से भरे जाते हैं। अधिसूचना के अनुसार, राजस्व, वित्त सेवा, आर्थिक मामलों, कृषि, सड़क परिवहन और राजमार्ग, जहाजरानी, पर्यावरण और वन, नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा, नागरिक उड्डयन और वाणिज्य के क्षेत्र में विशेषज्ञता प्राप्त आवेदक इन पदों के लिए आवेदन कर सकते हैं।

