आम आदमी पार्टी (आप) ने रविवार को नई दिल्ली व पश्चिमी दिल्ली लोकसभा सीटों के लिए अपने प्रभारियों (उम्मीदवारों) के नाम तय कर दिए। नई दिल्ली संसदीय क्षेत्र से बृजेश गोयल और पश्चिमी दिल्ली से राजपाल सोलंकी पार्टी के प्रभारी होंगे। आम आदमी पार्टी दिल्ली की पांच संसदीय सीटों पर अपने प्रभारियों (उम्मीदवारों) के नाम की घोषणा पहले ही कर चुकी है। अब दो और बची हुई सीटों पर प्रभारियों के नाम तय कर पार्टी ने दिल्ली की सातों संसदीय सीटों पर चुनाव लड़ने का डंका बजा दिया है। पार्टी कार्यालय में रविवार को संवाददाताओं से बातचीत में दिल्ली सरकार के श्रम मंत्री व दिल्ली के संयोजक राय ने पश्चिमी व नई दिल्ली संसदीय सीटों से पार्टी के चुनाव लड़ने का एलान किया। पार्टी के लोकसभा प्रभारी ही चुनाव की घोषणा के बाद संबंधित सीटों से आधिकारिक तौर पर पार्टी के उम्मीदवार घोषित कर दिए जाएंगे।
दिल्ली में आम आदमी पार्टी व कांग्रेस के बीच चुनावी गठबंधन की चर्चा लंबे समय से जारी है। दोनों दलों के नेताओं ने ऐसी चर्चा की बात स्वीकार भी की और गठबंधन से इनकार भी किया। हाल ही में आम आदमी पार्टी के नेता व दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष रामनिवास गोयल ने भी कहा था कि आम आदमी पार्टी का विपक्षी महागठबंधन का हिस्सा होना दिल्ली व देश के हक में है। हालांकि कांग्रेस के प्रदेश नेतृत्व ने ऐसे किसी गठबंधन से साफ इनकार कर दिया। सियासी जानकारों का कहना है कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने पांच उम्मीदवारों का एलान कर यह संकेत दिया था कि गठबंधन की सूरत में उनकी पार्टी दो सीटें कांग्रेस को दे सकती है। जबकि कांग्रेस का यह मानना है कि वह किसी भी सूरत में ऐसे किसी गठबंधन में नहीं शामिल होगी। समझा जा रहा है कि आम आदमी पार्टी ने दो और सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा कर कांग्रेस पर उसकी शर्तों पर गठबंधन का दबाव बढ़ा दिया है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय माकन कह चुके हैं कि दिल्ली में कांग्रेस सभी सात सीटों पर चुनाव लड़ेगी। पार्टी की चुनावी रणनीति यह है कि वह नगर निगम चुनाव में आम आदमी पार्टी के 29 फीसद मतों के मुकाबले 22 से 24 फीसद तक मत हासिल कर चुकी है। लोकसभा चुनाव राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य में लड़े जाएंगे और मतदाताओं को प्रधानमंत्री चुनने के लिए वोट करना है। ऐसे में भाजपा के खिलाफ कांग्रेस ही दिल्ली के मतदाताओं की पहली पसंद होगी। पार्टी को भरोसा है कि विधानसभा व नगर निगम चुनाव में आम आदमी पार्टी को एकतरफा मतदान करने वाला अल्पसंख्यक समाज लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के साथ जाएगा और ऐसे में मुकाबला भाजपा व कांग्रेस के बीच होगा। हाल ही में हुए कुछ सर्वे में भी कांग्रेस को ही भाजपा के मुकाबले दिखाया गया है।
