दिल्ली में बीजेपी के प्रवक्ता तेजिंदर सिंह बग्गा ने पोस्टर लगवाए हैं। यह पोस्टर 1984 में हुए सिख दंगों को लेकर आए फैसले के बाद लगवाए गए हैं। पोस्टर में लिखा है कि 1984 में सिख नरसंहार पर मोदी सरकार द्वारा बनाई गई एसआईटी में पहली फांसी की सजा का ऐलान। सिख समाज की तरफ से मोदी सरकार को हार्दिक धन्यवाद। “अभी तो पहली झांकी है कमलनाथ-सज्जन-टाईटलर बाकी है।” इसे लेकर दिल्ली आजतक से बातचीत में तेजिंदर सिंह बग्गा ने कहा कि जो 1984 में घटना हुई वो कोई दंगा नहीं नरसंहार था। दंगा वो होता है जो धर्मों के बीच में होता है, ये एक नरसंहार था जो एक धर्म के ऊपर हुआ और किसी धर्म ने नहीं किया कांग्रेस के द्वारा किया गया, राजीव गांधी द्वारा किया गया, राजीव गांधी के गुंडो द्वारा किया गया। 35 साल से कई सरकारें आईं कई कमेटियां बनीं, सिख न्याय की उम्मीदें खो चुके थे। सिखो ने जो पीड़ित थे उन्होंने कहना चालू कर दिया था कि अब शायद न्याय नहीं मिलेगा।
बग्गा ने आगे कहा कि 35 साल बाद जब नरेंद्र मोदी की सरकार आई, 2014 में जो उनकी सरकार बनी, तो सिख जो पिछले 2 दशक से मांग कर रहे थे कि एसआईटी बने, तो एसआईटी बनाई गई और 3 साल के अंदर 35 साल में पहली बार किसी एक व्यक्ति को इस मामले में फांसी की सजा का ऐलान हुआ। अब जो सिख पीड़ित थे उनकी एक उम्मीद जागी है, कि जिस तरीके से एक व्यक्ति को फांसी हुई है उसी तरीके से सज्जन कुमार, जगदीश टाइटलर और कमलनाथ को भी फांसी हो, जितने भी ताकतवर लोग हैं उनको भी फांसी की सजा होगी। एसआईटी जांच कर ही रही है पिछले महीने ही सज्जन कुमार को एक महिला ने आकर पहचाना ही है।
यह इसलिए हुआ है क्योंकि अब एसआईटी इसमें पूरी ताकत से लगी हुई है। सज्जन कुमार की पहचान एक चश्मदीद गवाह ने कर ली है। तो सज्जन कुमार का बचना मुश्किल है। उसी तरह जगदीश टाईटलर और कमलनाथ को भी फांसी की सजा होनी चाहिए। जिस तरह से एक आरोपी को हुई है। जिस तरीके से एसआईटी काम कर रही है तो अब कोई भी बड़े से बड़ा व्यक्ति बच नहीं पाएगा।
सज्जन-टाइटलर-कमलनाथ अभी बाकी है pic.twitter.com/aEl6xqLQVK
— Tajinder Pal Singh Bagga (@TajinderBagga) November 22, 2018

