उत्तरी कश्मीर के गुरेज सेक्टर में बड़े पैमाने पाकिस्तान की ओर से घुसपैठ की साजिश नाकाम कर दी गई। पाकिस्तान की ओर से संघर्षविराम का उल्लंघन कर नियंत्रण रेखा के पार से गोलाबारी की गई, जिसकी आड़ में आतंकवादियों ने घुसपैठ शुरू की। बांदीपोरा जिले के गोविंद नाला क्षेत्र में घुसपैठ कर रहे आतंकवादियों के एक समूह के साथ सैन्य टुकड़ी की मुठभेड़ हुई, जिसमें कम से कम दो आतंकवादी मारे गए। इस अभियान में सेना के एक मेजर समेत चार जवान शहीद हो गए। शहीदों की पहचान मेजर कौस्तुभ प्रकाश राणे, राइफलमैन मंदीप सिंह रावत, राइफलमैन हमीर सिंह और गनर विक्रमजीत सिंह के तौर पर की गई है। फिलहाल, सीमा पर एहतियातन सैन्य अभियान जारी है। इसमें सेना का पैरा कमांडो दस्ता भी भाग ले रहा है।

सेना का कहना है कि मारे गए आतंकियों की संख्या चार हो सकती है। आतंकियों के शव नियंत्रण रेखा के अगले हिस्से में पड़े देखे गए हैं। गोलाबारी जारी रहने के कारण इन शवों को कब्जे में नहीं लिया जा सका है। सेना के प्रवक्ता के मुताबिक, घुसपैठ का प्रयास करने वाले आतंकवादियों की संख्या आठ से 10 थी। आतंकवादियों की घुसपैठ कराने के लिए पाकिस्तानी सैन्य ठिकानों की ओर से सोमवार की देर रात से भारतीय चौकियों की ओर जमकर गोलाबारी की जा रही थी। पाकिस्तानी सैनिकों ने अचानक संघर्षविराम का उल्लंघन करते हुए नियंत्रण रेखा (एलओसी) के साथ सटे बकतूर और नैनी इलाके में भारतीय सैन्य व नागरिक ठिकानों पर गोलाबारी शुरू कर दी। पहले तो भारतीय सैनिकों ने संयम बनाए रखा, लेकिन जब गोलाबारी की तीव्रता बढ़ने लगी तो उन्होंने भी जवाबी गोलाबारी शुरू कर दी। सुबह तक दोनों तरफ से रुक-रुककर गोलाबारी होती रही।

पाकिस्तान की ओर से की जा रही गोलाबारी के आधार पर भारतीय सैन्य कर्मियों ने आकलन कर लिया कि गोलाबारी का मूल उद्देश्य आतंकियों की घुसपैठ है। दरअसल, सुबह गोलाबारी के समय गुरेज के अग्रिम इलाकों में बारिश हो रही थी और तड़के धुंध भी थी। घुसपैठिए इसका लाभ उठाने की ताक में थे। हालात को भांपते हुए 36 राष्ट्रीय राइफल्स और 9 गे्रनेडियर्स के जवानों ने नैनी और बकतूर के इलाकों में घेराबंदी करते हुए सुबह तलाशी अभियान चलाया। मुठभेड़ के बाद बचे हुए आतंकवादी पाकिस्तान की ओर भाग निकले, लेकिन इलाके में सैन्य अभियान अब भी जारी है।

मुठभेड़ के बाद नियंत्रण रेखा से सटे सभी इलाकों में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। बीते दिनों सेना को गृह मंत्रालय ने खुफिया एजंसियों की सतर्कता वार्ता भेजी थी, जिसमें स्वाधीनता दिवस के पहले पाकिस्तान की ओर से बड़ी घुसपैठ की कोशिश की आशंका जताई गई थी। इस कारण सेना सतर्क थी। गुरेज सेक्टर के अलावा नौशेरा सेक्टर के कलाल क्षेत्र में भी पाकिस्तान की ओर से संघर्षविराम का उल्लंघन कर छोटे बड़े हथियारों से गोलाबारी की गई। इसमें भारतीय सेना का जवान घायल हो गया। अग्रिम चौकी पोखरा पर तैनात सेना की कलाल बटालियन के जवान नायक दीपक बाजीराव के दाएं पैर पर गोली लगी है। उन्हें बटालियन में प्राथमिक उपचार के उपरांत सैन्य अस्पताल राजोरी भेजा गया।