नई दिल्ली के मालवीय नगर में मंगलवार (29 मई) शाम रबड़ के गोदाम में लगी भयंकर पर काबू पा लिया गया है। भीषण आग पर तकरीबन 17 घंटों बाद काबू पाया जा सका। भारतीय वायु सेना के चॉपर और दिल्ली अग्निशमन सेवा की 90 गाड़ियों की मदद से यह रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा हुआ। गोदाम के आस-पास इससे पहले रबड़ धू-धू कर जल रही थी। आलम यह था कि धुएं के कारण घटनास्थल के नजदीक कुछ भी नजर नहीं आ रहा था।

बुधवार (30 मई) की सुबह गोदाम में आग बुझाने के लिए बैंबी ऑपरेशन की शुरुआत की गई, जिसके लिए वायुसेना ने चॉपर भेजा। भारतीय वायु सेना की ओर से इस बारे में बताया गया कि इस ऑपरेशन के लिए पालम से एमआई 17 हेलीकॉप्टर भेजा गया। सेना के हेलीकॉप्टर पर लटकी बाल्टी से आग पर पानी छिड़का गया था।

वीडियो में देखें कैसे बैंबी ऑपरेशन के रवाना हुआ हेलीकॉप्टर

आग जिस गोदाम में लगी, वह खिड़की एक्सटेंशन में है। माना जा रहा था कि यहां उच्च श्रेणी की आग लगी, जिसके लिए अब तक का सबसे बड़ा फायर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। ऊपर से रबड़ गोदाम को जाने वाली सड़क भी पतली है, जिसके कारण दमकल की गाड़ियों को वहां तक पहुंचने में काफी समय लग गया था।

दिल्ली आपदा प्रबंधन ने इससे पहले वायु सेना से आग बुझाने के लिए सहायता मांगी थी। जवाब में वायु सेना ने अपने चॉपर रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए भेजे। एमआई 17 ने इसके बाद रबड़ गोदाम के आस-पास सर्वे किया था, ताकि पता चल सके कि कितना इलाका प्रभावित हुआ है।

गोदाम के पड़ोस के घरों को घटना के कुछ देर बाद ही खाली करा लिया गया था। कहा गया कि आग पहले गोदाम में खड़े ट्रक में लगी थी, जिसके बाद वह और ज्वलंत हुई और फिर पूरा गोदाम उसकी चपेट में आ गया था। कुछ घंटों बाद आग और भीषण हुई और उसने आसपास के मकानों को भी चपेट में ले लिया था।

हादसे के दौरान निकलने वाला धुआं तकरीबन छह-सात किलोमीटर दूर स्थित ग्रेटर कैलाश और नेहरू प्लेस इलाके में दिख रहा था। हालांकि, अच्छी बात यह रही कि इस दौरान किसी के हताहत होने की खबर नहीं आई है। आग से गोदाम में कितना नुकसान हुआ और वह किस वजह से लगी, यह भी अभी तक स्पष्ट नहीं हो सका है।