Bihar News: राष्ट्रीय लोक मोर्चा प्रमुख और राज्यसभा सांसद उपेंद्र कुशवाह के बेटे दीपक प्रकाश नीतीश सरकार में पंचायती राज मंत्री बन गए हैं। विपक्षी दलों की तरफ से तंज कसा जा रहा है कि दीपक प्रकाश बिना चुनाव लड़े मंत्री कैसे बन गए। अब इसी क्रम में लालू यादव के बड़े बेटे और जेजेडी के अध्यक्ष तेजप्रताप यादव ने भी प्रतिक्रिया दी है और एक फोटो शेयर किया है।
जनशक्ति जनता दल के अध्यक्ष तेज प्रताप यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर लिखा, “सासाराम में जमानत जब्त कराने वाले निर्दलीय प्रत्याशी रामनारायण पासवान के काउंटिंग एजेंट बने दीपक प्रकाश बिना चुनाव लड़े नीतीश सरकार में मंत्री बन गए। है ना मोदी-नीतीश का जादू।” इस पोस्ट के जरिये तेज प्रताप यादव ने सीधा सवाल उठाया।
उपेंद्र कुशवाहा ने बेटे का किया था बचाव
पूर्व केंद्रीय मंत्री और राष्ट्रीय लोक मोर्चा प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा ने अपने बेटे दीपक प्रकाश को बिहार मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने का बचाव करते हुए कहा कि युवा नेता एक योग्य कंप्यूटर इंजीनियर हैं। उन्होंने पोस्ट करते हुए लिखा, “मेरा पक्ष है कि अगर आपने हमारे निर्णय को परिवारवाद की श्रेणी में रखा है, तो जरा समझिए मेरी विवशता को। पार्टी के अस्तित्व व भविष्य को बचाने व बनाए रखने के लिए मेरा यह कदम जरुरी ही नहीं अपरिहार्य था। मैं तमाम कारणों का सार्वजनिक विश्लेषण नहीं कर सकता, लेकिन आप सभी जानते हैं कि पूर्व में पार्टी के विलय जैसा भी अलोकप्रिय और एक तरह से लगभग आत्मघाती निर्णय लेना पड़ा था। जिसकी तीखी आलोचना बिहार भर में हुई।”
ये भी पढ़ें: नीतीश कुमार की सरकार में कौन-कौन बना मंत्री
उन्होंने कहा, “अरे भाई, रही बात दीपक प्रकाश की तो जरा समझिए – विद्यालय की कक्षा में फेल विद्यार्थी नहीं है। मेहनत से पढ़ाई करके कंप्यूटर साइंस में इंजीनियरिंग की डिग्री ली है, पूर्वजों से संस्कार पाया है उसने। इंतजार कीजिए, थोड़ा वक्त दीजिए उसे। अपने को साबित करने का। करके दिखाएगा। अवश्य दिखाएगा। आपकी उम्मीदों और भरोसा पर खरा उतरेगा। वैसे भी किसी भी व्यक्ति की पात्रता का मूल्यांकन उसकी जाति या उसके परिवार से नहीं, उसकी काबिलियत और योग्यता से होना चाहिए।”
दीपक प्रकाश कौन हैं?
राजनीति में औपचारिक रूप से कदम रखने से पहले दीपक प्रकाश ने टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में अपना करियर बनाया। मणिपाल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (2011) से कंप्यूटर साइंस में बी.टेक स्नातक, उन्होंने चार साल तक आईटी क्षेत्र में काम किया। बाद में वे अपने पिता की राजनीतिक यात्रा से निकटता का लाभ उठाते हुए पार्टी कार्य में सक्रिय हो गए। अब आगामी 6 महीने के भीतर दीपक प्रकाश को विधानसभा या विधान परिषद में से एक की सदस्यता लेनी होगी। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें…
