सरकारी स्कूलों में शिक्षा के गिरते स्तर को सुधारने के लिए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को इन स्कूलों के लिए एक मोबाइल ऐप लॉन्च किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूल अब बच्चों को अच्छी शिक्षा देने को लेकर कोई बहाना नहीं बना पाएंगे। इस मोबाइल ऐप के माध्यम से रोजाना 11 बजे सारे सरकारी स्कूलों की रिपोर्ट शिक्षा मंत्री के पास पहुंच जाएगी। स्कूलों के लिए नियुक्त किए गए एस्टेट मैनेजर ऐप पर स्कूल की स्टेटस रिपोर्ट और स्कूल के रख-रखाव के वीडियो अपलोड करेंगे।
मुख्यमंत्री केजरीवाल ने कहा कि 10000 करोड़ के बजट और सारी सुविधाओं के बाद स्कूल के प्रधानाचार्यों की यह जिम्मेदारी बनती है कि वे बच्चों को अच्छी शिक्षा दें, चाहे इसके लिए अतिरिक्त कक्षाएं ही क्यों न लेनी पड़ें। सरकार अतिरिक्त कक्षाओं के लिए भी सुविधा देने को तैयार है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि अगले दो साल में दिल्ली के सरकारी स्कूल निजी स्कूलों के बराबर खड़े होंगे। उन्होंने कुछ निजी स्कूलों द्वारा की जा रही मनमानी पर चेतावनी भी दी।
सोमवार को लॉन्च मोबाइल ऐप के जरिए स्कूल के एस्टेट मैनेजर्स रोज सुबह 8.15 बजे स्कूल में साफ-सफाई, सुरक्षा, पीने का पानी, कक्षाओं में ट्यूबलाइट, पंखे और स्कूल के रखरखाव पर रिपोर्ट भेजेंगे। एस्टेट मैनेजर्स को मोबाइल ऐप पर फोटो और वीडियो भी अपलोड करना होगा। इनसे जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए 9 बजे स्कूल के प्रधानाचार्य को जरूरी कार्रवाई करनी होगी और इसकी रिपोर्ट मोबाइल ऐप पर ही देनी होगी।
इसके बाद 10.30 बजे डीडीई (जोन), डीडीई (जिला) को इन समस्याओं के समाधान के लिए जरूरी एक्शन लेना होगा और उसकी रिपोर्ट ऐप पर अपलोड करनी होगी। रोजाना 11 बजे तक दिल्ली के सभी सरकारी स्कूलों की स्टेटस रिपोर्ट शिक्षा निदेशक और उपमुख्यमंत्री के मोबाइल पर होगी। तीन महीने बाद ये मोबाइल ऐप जनता के लिए भी उपलब्ध हो जाएगा।
इस मौके पर उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि इस ऐप के जरिए किसी भी तरह की कार्रवाई आसान हो जाएगी। उपमुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में मौजूद प्रधानाध्यापकों के सामने सरकारी स्कूलों में बच्चों के सीखने के स्तर को लेकर चिंता जाहिर की और कहा कि अगर बच्चे पढ़ नहीं पा रहे हैं तो सभी सुविधाएं बेकार हैं।

