भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी ने गुरुवार को पत्रकार वार्ता बुलाकर सूबे की सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। तिवारी का कहना है कि केजरीवाल सरकार ने तीन साल के दौरान राशन कार्ड का फर्जीवाड़ा कर करोड़ों रुपए का घोटाला किया है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी ने कहा कि वो जल्द ही जनता के सामने घोटाले को उजागर करेंगे। उन्होंने कहा कि अप्रैल तक दिल्ली मेें 17.5 लाख राशन कार्ड थे। उनमें से 2.5 लाख से अधिक राशन कार्ड फर्जी पाए गए।
तिवारी ने कहा ये इस बात का प्रमाण है कि फर्जी राशन कार्ड तैयार कर तीन साल के दौरान सुनियोजित ढंग से बड़ा घोटाला किया जाता रहा है। उन्होंने कहा कि इस साल इस ई-पोस व्यवस्था लागू होने के बाद जनवरी से मार्च तक केवल तीन महीनों में 1,74,000 कुंतल खाद्यान्न की बचत हुई। तिवारी ने कहा कि यह खाद्यान्न भारत सरकार दिल्ली सरकार को तीन से चार रुपए किलो की दर से प्रदान करती है। लेकिन वास्तव में भारत सरकार गेहूं 25 रुपए और चावल 30 रुपए प्रति किलो की दर से खरीदती है।
उन्होंने चेतावनी दी कि अगर दिल्ली सरकार राशन वितरण के लिए अविलंब ई-पोस व्यवस्था लागू नहीं करती है तो दिल्ली भाजपा केजरीवाल सरकार की राशन माफिया से साठगांठ की पोल खोलने के लिए पूरी दिल्ली में जन जागरूकता अभियान शुरू करेगी। तिवारी ने कहा कि केंद्रीय उपभोक्ता मामलों एवं खाद्य आपूर्ति विभाग ने 2018 में सभी राज्य सरकारों से मिलकर राशन वितरण व्यवस्था के लिए देश में ई-पोस नामक व्यवस्था लागू की है। इसी के अंतर्गत मार्च, 2018 में दिल्ली सरकार ने केंद्र सरकार को सूचना दी कि दिल्ली की सभी 2254 राशन दुकानों को और उनके 98 फीसद पंजीकृत उपभोक्ताओं को ई-पोस व्यवस्था के अंतर्गत जोड़ कर प्रमाणित कर लिया गया है। लेकिन इस दावे के बावजूद दिल्ली सरकार ने 25 अप्रैल को दिल्ली में ई-पोस व्यवस्था रद्द कर दी।
