Lucknow News: आज के दौर में कई बार यह देखा गया है कि जब प्राइवेट जॉब में किसी कर्मचारी के खिलाफ कोई एक्शन होता है तो वह अपने मालिक को आर्थिक नुकसान पहुंचाने के तरीके अपनाता है। अब सोचिए कि अगर ऐसा ही कुछ सरकारी डिपार्टमेंट हो जाए, तो कितना बड़ा नुकसान हो सकता है? कुछ ऐसा उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में हुआ, जिसने सभी को हैरान कर दिया है।
लखनऊ में एक सरकारी अधिकारी के खिलाफ एक्शन हुआ, और उसे सस्पेंड कर दिया गया है। इस एक्शन से वह गुस्से से आग बबूला हो गया। सस्पेंडेड अधिकारी ने सरकारी डाटा तक डिलीट कर दिया, जिसके चलते अब उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज हो गई है।
डिलीट कर दिया सारा सरकारी डाटा
दरअसल, ये मामला राजधानी लखनऊ के एक ट्रैफिक कॉन्स्टेबल अजय शर्मा से जुड़ा है, जो कि ट्रैफिक निदेशालय के आईटी सेल में तैनात थे। अजय शर्मा को उनके वरिष्ठ अधिकारियों ने सस्पेंड कर दिया था जिसके चलते वे गुस्से से बौखला गए, और सरकारी डाटा ही डिलीट कर दिया और अब यह उनके लिए मुसीबत बन गया है।
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आईटी सेल के प्रभारी ने दर्ज कराई FIR
इस मामले की जानकारी मिलने पर आईटी सेल के प्रभारी, सब इंस्पेक्टर आनंद कुमार ने सुशांत गोल्फ सिटी थाने में सस्पेंडेड कॉन्स्टेबल अजय शर्मा के खिलाफ केस दर्ज कराया है। सब इंस्पेक्टर आनंद कुमार द्वारा दर्ज कराई एफआईआर में बताया गया कि अजय शर्मा ने सस्पेंशन के बाद कई सरकारी जानकारी और डाटा, कंप्यूटर सिस्टम से डिलीट कर दिया।
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कॉन्स्टेबल के खिलाफ होगा सख्त एक्शन
इस मामले में पता चला है कि अजय शर्मा ने आईटी सेल के दफ्तर के सिस्टम से करीब 116 वाहनों के चलन डिलीट कर दिए थे। अजय शर्मा पर सुशांत गोल्फ सिटी थाने में बीएनएस की धारा 319 दो 318 (4) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 7 व 13 के तहत FIR दर्ज की गई है।
पुलिस का कहना है कि वह इस मामले में सस्पेंडेड कॉन्स्टेबल के खिलाफ जांच कर रही है और उनके खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाएगा। लखनऊ से जुड़ी अन्य खबरों के लिए इस लिंक पर क्लिक करें।
