Priyanka Gandhi Vadra Dharna Updates: सोनभद्र नरसंहार के पीड़ित परिजनों से मिलने के बाद प्रियंका गांधी ने 26 घंटे से चल रहा अपना धरना खत्म कर दिया। धरना खत्म होने के बाद राहुल गांधी ने प्रियंका के समर्थन में फेसबुक पर एक बयान पोस्ट किया। उन्होंने बीजेपी को निशाने पर लेते हुए कहा कि कांग्रेस कमजोर लोगों का समर्थन करना बंद नहीं करेगी, उनकी आवाज उठाती रहेगी।
प्रियंका गांधी से कुछ लोगों ने मुलाकात भी की जिन्हें सोनभद्र नरसंहार में मारे गए लोगों का रिश्तेदार बताया जा रहा है। पीड़ित परिवारों के कुछ लोग प्रियंका गांधी के इर्द-गिर्द बैठे थे। इस दौरान पीड़ित परिवारों की महिलाएं बिलख-बिलख कर रोने लगीं। प्रियंका ने महिलाओं को पानी पिलाकर ढांढस बंधाया।

इससे पहले मीडिया से बातचीत में कथित परिजनों ने प्रशासन पर प्रियंका से नहीं मिलने देने का भी आरोप लगाया है। पीड़ितों ने कहा कि वे अपना टेंपो लेकर खुद की व्यवस्था से आए लेकिन रोकने की कोशिश की गई। इससे पहले टीएमसी के कई नेताओं को वाराणसी एयरपोर्ट पर ही रोक लिया गया। प्रियंका गांधी ने कहा था, ’24 घंटे बीत चुके हैं। मैं सोनभद्र के पीड़ितों से मिले बिना नहीं जाऊंगी।’


Mirzapur: Family members of the victims of Sonbhadra's firing case come to meet Congress General Secretary Priyanka Gandhi Vadra at Chunar Guest House. pic.twitter.com/Yujq1qcSU6
प्रियंका ने कहा, 'प्रशासन को सोनभद्र के पीड़ित परिजनों की रखवाली करनी चाहिए। जब इनके साथ हादसा हो रहा था, मदद करनी चाहिए थी। प्रशासन की मानसिकता मेरी समझ से बाहर है। आप उन पर थोड़ा दबाव बनाइये, आप मेरे पीछे पड़े हैं।'
प्रियंका ने पूछा ये सवाल...
सोनभद्र नरसंहार के पीड़ित परिवार की महिलाएं प्रियंका गांधी से मिलने के बाद बिलख-बिलख कर रो पड़ीं।
इससे पहले प्रियंका गांधी के धरने में शिरकत के लिए पहुंचे तृणमूल कांग्रेस नेताओं को वाराणसी एयरपोर्ट पर ही रोक लिया गया था। इसकी एक तस्वीर सामने आई है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कुछ कथित पीड़ित परिजनों ने प्रशासन पर मुलाकात करने से रोकने का भी आरोप लगाया है। पीड़ितों ने कहा कि वे अपना टेंपो लेकर खुद की व्यवस्था से आए लेकिन रोकने की कोशिश की गई।
प्रियंका ने कहा, 'जिनसे मैं मिलने आई थीं, उन्हें आना पड़ा। पीड़ित परिवार ने क्या गुनाह किया है?'
प्रियंका गांधी ने कहा, '24 घंटे बीत चुके हैं। मैं सोनभद्र के पीड़ितों से मिले बिना नहीं जाऊंगी।' वहीं टीएमसी के कई नेताओं को भी वाराणसी एयरपोर्ट पर ही रोक लिया गया है।
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल शनिवार (20 जुलाई) को प्रियंका गांधी से मिलने उत्तर प्रदेश के चुनार जाएंगे। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी शुक्रवार (19 जुलाई) से ही धरने पर बैठी है। वे नारायणपुर में गिरफ्तारी के बाद से ही धरने पर हैं।
प्रियंका गांधी के सोनभद्र जाने का आइडिया किसका था? इसे लेकर लखनऊ से दिल्ली तक चर्चा है। कुछ लोगों का दावा है कि यह कदम संदीप सिंह के सुझाव पर लिया गया है। संदीप 2007 में जेएनयू छात्रसंघ के अध्यक्ष रह चुके हैं।
मिर्जापुर: चुनार गेस्ट हाउस से सुबह-सुबह के दृश्य, जहां कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा और पार्टी कार्यकर्ता धरने पर बैठे हैं। उन्हें कल नारायणपुर में पुलिस ने हिरासत में लिया था, जब वह सोनभद्र के गोलीबारी मामले के पीड़ितों से मिलने के लिए जा रही थी।
सोनभद्र जाने के दौरान प्रियंका गांधी को मिर्जापुर में रोक लिया गया। जिसके चलते उन्होंने पूरी रात यहां चुनार किले में धरना दिया। यह धरना अभी भी जारी है।
कांग्रेस ने वीडियो जारी कर दावा किया है कि प्रियंका को जिस गेस्टहाउस में रखा गया है वहां की बिजली गुल है।
मैंने इनसे मेरे वकीलों के मुताबिक मेरी गिरफ़्तारी हर तरह से गैर-क़ानूनी है। मुझे इन्होंने सरकार का संदेश दिया है कि मैं पीड़ित परिजनों से नहीं मिल सकती।
उप्र सरकार ने ADG वाराणसी श्री बृज भूषण, वाराणसी कमिश्नर श्री दीपक अग्रवाल, कमिश्नर मीरजापुर, DIG मीरजापुर को मुझे ये कहने के लिए भेजा कि मैं यहाँ से पीड़ित परिवारों से मिले बग़ैर चली जाऊँ। सब एक घंटे से मेरे साथ बैठे हैं। न मुझे हिरासत में रखने का कोई आधार दिया है न कागज़ात दिए।
प्रियंका ने ट्वीट में लिखा कि मैंने यह स्पष्ट करते हुए कहा कि मैं किसी धारा का उल्लंघन करने नहीं बल्कि पीड़ितों से मिलने आयी थी सरकार के दूतों से कहा है कि बग़ैर मिले मैं यहाँ से वापस नहीं जाऊँगी।
एडीजी वाराणसी, कमिश्नर वाराणसी मंडल और अन्य वरिष्ठ पुलिस और सरकार के अधिकारी चुनार किला से बाहर निकले।
मिर्जापुर में प्रियंका गांधी ने कहा कि एक आदिवासी के लिए, उसकी जमीन उसका जीवन है। न केवल जमीन छीन ली गई बल्कि 10 लोगों को भी मार दिया गया। एक नरसंहार हुआ है। मैं उन परिवारों से मिलने आई हूं, यह कोई अपराध नहीं है। पीड़ित परिवारों से मिलना एक नेता का कर्तव्य है। मैंने कोई अपराध नहीं किया है। मिलाकर ही जाऊंगी।
उत्तर प्रदेश प्रशासन द्वारा मुझे पिछले कई घंटे से गिरफ़्तार करके चुनार किले में रखा हुआ है। प्रशासन कह रहा है कि मुझे 50,000 की जमानत देनी है अन्यथा मुझे 14 दिन के लिए जेल की सज़ा दी जाएगी, मगर वे मुझे सोनभद्र नहीं जाने देंगे ऐसा उन्हें ‘ऊपर से ऑर्डर है’।
प्रियंका ने ट्वीट में लिखा कि मैंने न कोई क़ानून तोड़ा है न कोई अपराध किया है।बल्कि सुबह से मैंने स्पष्ट किया था कि प्रशासन चाहे तो मैं अकेली उनके साथ पीड़ित परिवारों से मिलने आदिवासियों के गांव जाने को तैयार हूँ या प्रशासन जिस तरीके से भी मुझे उनसे मिलाना चाहता है मैं तैयार हूँ।
प्रियंका गांधी ने कहा कि उप्र सरकार ने यह सब तमाशा किया हुआ है। जनता सब देख रही है। मैं इस संदर्भ में जमानत को अनैतिक मानती हूँ और इसे देने को तैयार नहीं हूँ। मेरी साफ माँग है कि मुझे पीड़ित आदिवासियों से मिलने दिया जाय। सरकार को जो उचित लगे वह करे।
प्रियंका गांधी ने कहा कि उप्र सरकार ने यह सब तमाशा किया हुआ है। जनता सब देख रही है। मैं इस संदर्भ में जमानत को अनैतिक मानती हूँ और इसे देने को तैयार नहीं हूँ। मेरी साफ माँग है कि मुझे पीड़ित आदिवासियों से मिलने दिया जाय। सरकार को जो उचित लगे वह करे।
प्रियंका गांधी ने कहा कि अगर सरकार पीड़ितों से मिलने के अपराध के लिए मुझे जेल में डालना चाहें तो मैं इसके लिए पूरी तरह से तैयार हूं।