हरियाणा के कद्दावर चौटाला परिवार में मची रार में दिल्ली के 360 गांवों की खाप ने इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) सांसद दुष्यंत चौटाला और उनके भाई दिग्विजय चौटाला का खुलकर समर्थन किया है। इनेलो के मुखिया व हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला ने अपने इन दोनों पोतों को पार्टी से निलंबन का नोटिस थमा रखा है। मामला फिलहाल पार्टी की अनुशासन समिति के पास है और चौटाला के कड़े तेवरों को देखते हुए ऐसी आशंका जताई जा रही है कि दुष्यंत-दिग्विजय की जोड़ी को पार्टी से बाहर किया जा सकता है।
इनेलो सुप्रीमो चौटाला को पार्टी की अनुशासन समिति आगामी 25 अक्तूबर को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी और उसके आधार पर ही वे अपने दोनों पोतों को लेकर कोई फैसला करेंगे।

गोहाना में सात अक्तूबर को हुई इनेलो की रैली में दुष्यंत-दिग्विजय के समर्थकों द्वारा चौटाला के छोटे बेटे व हरियाणा विधानसभा में विपक्ष के नेता अभय चौटाला की हूटिंग से इनेलो प्रमुख बेहद नाराज हैं। दूसरी ओर दुष्यंत-दिग्विजय भी झुकने को तैयार नहीं हैं। इसीलिए पार्टी में बिखराव की आशंका भी जताई जा रही है। इस बीच शुक्रवार को दिल्ली देहात के पालम गांव में हुई पंचायत में 360 गांवों की खाप ने दुष्यंत चौटाला को समर्थन देने का एलान किया। खाप के प्रधान चौधरी कृष्ण सिंह सोलंकी ने पालम के दादा देव मंदिर में दिग्विजय चौटाला का खाप की ओर से पगड़ी पहनाकर स्वागत किया।

उन्होंने कहा कि संघर्ष कभी व्यर्थ नहीं जाता और अगर संघर्ष जनता के लिए किया जाए तो हमेशा विजय ही मिलती है। इसलिए खाप 360 सांसद दुष्यंत चौटाला को समर्थन देती है। दूसरी ओर दिग्विजय ने कहा कि खाप 360 के समर्थन और सम्मान को हमेशा याद रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि खाप 360 का दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पंजाब व हरियाणा में अच्छा खासा दबदबा है। खाप का दुष्यंत चौटाला के समर्थन में आना बहुत बड़ी बात है। खाप प्रतिनिधियों ने कहा कि दुष्यंत चौटाला सरीखे नेताओं की आज देश व हरियाणा को बहुत जरूरत है। उन्होंने किसान, नौजवान, दलित और पिछड़ों के हक की लड़ाई बखूबी लड़ी है।

इनेलो ने दिल्ली की सियासत में भी पांव पसार रखे हैं। नगर निगम में उसके कई पार्षद हैं जबकि दिल्ली विधानसभा पहुंचे स्व. भरत सिंह भी इनेलो से जुड़े थे। पार्टी से जुड़ी रही छात्र इकाई इनसो ने दिल्ली विश्वविद्यालय के चुनाव में भी अच्छा समर्थन हासिल किया। बहरहाल दिल्ली से दुष्यंत चौटाला को मिले इस समर्थन का सीधा मतलब यह है कि अगर दुष्यंत-दिग्विजय के खिलाफ इनेलो ने कोई कार्रवाई की तो ये दोनों नौजवान नेता भी दबने वाले नहीं हैं क्योंकि हरियाणा में भी दुष्यंत चौटाला को समर्थन मिल रहा है।