झारखंड में एक ऐसे गिरोह का खुलासा हुआ है जो घर बैठे छह राज्यों में ठगी की घटना को अंजाम देता था। पुलिस की स्पेशल टीम ने इस साइबर अपराध में शामिल गिरोह के मास्टरमाइंड को जमशेदपुर से गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के वक्त आरोपी के पास से 25 एटीएम कार्ड, कई बैंकों के पासबुक, वीजा कार्ड समेत कई अन्य चीजें मिली हैं। बताया जा रहा है आरोपी एक बड़े राजनीतिक दल से भी जुड़ा रहा है।
पुलिस के मुताबिक जमशेदपुर के वास्तु विहार में रहने वाले ओमकार सिंह को साइबर अपराध के तहत स्पेशल टीम ने गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि टीम ने डीजीपी को पत्र लिखकर जानकारी दी थी कि ओमकार, सिदगोड़ा निवासी अविनाश शर्मा, श्रीकांत सिंह, देवरती चौधरी, सुबोध, अभिषेक और अभिनव ये सभी गिरोह बनाकर साइबर अपराध को अंजाम दे रहे हैं। इस गिरोह के लोग झारखंड के साथ- साथ बिहार, उत्तर प्रदेश, ओडिशा, छतीसगढ़, महाराष्ट्र के अलग अलग हिस्सों में भी ठगी करते हैं। पुलिस की गिरफ्त में आया आरोपी ओमकार रियल स्टेट, सिक्यूरिटी एजेंसी और सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे के कारोबार से भी जुड़ा बताया जा रहा है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार एटीएम क्लोनिंग और ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के माध्यम से गिरोह के सदस्य हर महीने करीब 70-80 लाख की कमाई करते थे। गिरोह का एक सदस्य बैंको के खाते से रकम उड़ाने का काम करता है। बताया जा रहा है कि ओमकार सिंह ने अपने गिरोह के अपराधियों को भरोसा दिया था कि वह जल्द कई तरह के साफ्टवेयर मंगवाकर साइबर अपराध को और वैज्ञानिक तरीके से अंजाम देगा। ओमकार की गिरफ्तारी के वक्त उसके पास से क्लोन किए हुए 25 एटीएम कार्ड, 10 बैंकों के पासबुक, वीजा कार्ड समेत कई चीजें मिलने की खबर है।
