जम्मू कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती की अपील पर भारत सरकार ने एकतरफा शांति बनाए रखने की घोषणा की थी। लेकिन सरकार की ये घोषणा भारत—पाक सीमा के नजदीक रहने वाले लोगों पर भारी पड़ने लगी है। पाकिस्तान ने रमजान के पवित्र महीने में भारत की सहनशीलता को दरकिनार कर दिया है। पाकिस्तान की तरफ से मोर्टार और गोलाबारी लगातार भारत के किनारे बसे गांवों पर की जा रही है। भारतीय सेना लगातार मोर्चे पर डटी हुई है। सेना पाकिस्तान की फायरिंग का मुंहतोड़ जवाब दे रही है।

समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, मंगलवार को भारत—पाकिस्तान सीमा के नजदीक रहने वाले आठ महीने के मासूम की मौत हो गई। उसे पाकिस्तान की तरफ से चलाई गई गोली लगी थी। ये गोली भारत की तरफ से किए गए सीजफायर का उल्लंघन करके चलाई गई थी। ये वाकया भारत—पाक सीमा से सटे अखनूर सेक्टर के केरी बटाल इलाके का है। पाकिस्तान की अंधाधुंध फायरिंग से बच्चे की मौत पर जहां गांव वालों में आक्रोश है। वहीं सेना ने इस इलाके में अपनी चौकसी बढ़ा दी है। पाकिस्तान की हर हरकत पर सेना नजर रख रही है।

वहीं अरनिया सेक्टर में पाकिस्तानी गोलाबारी के बाद बीएसएफ ने पाकिस्तानी इलाके पर जमकर मोर्टार दागे। मोर्टार से पाकिस्तान में भय का माहौल पैदा हुआ है। सोमवार शाम को पाकिस्तानी गांवों में बनी मस्जिदों से आसपास रहने वाले लोगों से इलाका खाली करने की अपील की गई। ऐलान किया गया कि सुरक्षित जगहों पर चले जाएं क्यों​कि हिंदुस्तान कभी भी हमला कर सकता है।

बीएसएफ ने इस अलर्ट को चेतावनी और चुनौती के तौर पर लिया है। बीएसएफ ने सीमा से सटे गांव के निवासियों को शरणार्थी शिविर में जाने के लिए कहा है। लोगों का कहना है कि बार—बार घर छोड़कर जाना संभव नहीं है। हर बार हमारे घरों पर मोर्टार गिरते हैं और हम तबाही झेलते हैं। भारतीय सेना पाकिस्तान पर इतने बम गिराए कि दोबारा उनकी हिम्मत इस ओर देखने की भी न हो।