जम्मू-कश्मीर में सुरक्षाबलों की अतिरिक्त तैनाती के बाद अमरनाथ यात्रियों और पर्यटकों के लिए जल्द से जल्द लौट जाने की एडवाइजरी जारी करने के बाद राज्य की सियासत में हड़कंप मचा हुआ है। इस बीच राज्यपाल सत्य पाल मलिक ने शैक्षिक संस्थानों, अस्पतालों और सरकारी विभागों के लिए जारी नए आदेशों पर कहा कि किसी को भी बेवजह डर का माहौल नहीं बनाना चाहिए। लेकिन केंद्र की ओर से ताजा जारी हुए आदेश के बाद श्रीनगर में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (NIT) के लगभग 950 दूसरे राज्यों के छात्रों को शनिवार को उनके घर भेज दिया गया। साथ ही अगले आदेश तक क्लासेज को स्थगित कर दिया गया है। ऐसे में लोग तरह-तरह की आशंका जता रहे हैं। पूर्व सीएम उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ़्ती समेत कई नेताओं ने इस पर केंद्र से रुख साफ़ करने की मांग की है।
बता दें कि छात्रों को एनआईटी छोड़ने का नोटिस जिला प्रशासन, श्रीनगर से प्राप्त निर्देशों के अनुसार जारी किया गया था। जिसकी जानकारी एनआईटी रजिस्ट्रार कार्यालय द्वारा शुक्रवार शाम को जारी एक परिपत्र में दी गई। एनआईटी के निदेशक प्रोफेसर राकेश सहगल ने कहा कि हॉस्टल में रहने वाले लगभग 950 छात्रों को घर भेज दिया गया। लेकिन श्रीनगर के डिप्टी कमिश्नर शाहिद चौधरी ने कहा कि यह सूचना गलत थी।उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा कि सभी संस्थानों के प्रमुखों को सावधान रहने की सलाह दी गई थी लेकिन किसी भी संस्थान को बंद करने की सलाह या निर्देश नहीं दिए गए हैं। दरअसल, घाटी में खबर फैली है कि केंद्र की ओर से जारी आदेश में हॉस्टल बंद कर छात्रों को लौटने और अस्पताल कर्मचारियों को बने रहने का आदेश दिया गया है।
मीडिया रिपोर्ट्स की माने तो जम्मू-कश्मीर राज्य सड़क परिवहन निगम (एसआरटीसी) की करीब 30 बसें एनआईटी छात्रों को घाटी से जम्मू ले गईं हैं। प्रशासन ने खुद इन बसों की सुविधा दी है। वहीं श्रीनगर में कश्मीर गवर्नमेंट पॉलिटेक्निक कॉलेज से खबर है कि वहां के प्रिंसिपल द्वारा एक सर्कुलर जारी कर छात्रों से तुरंत हॉस्टल खाली करने की अपील की गई है। छात्रों को तत्काल हॉस्टल खाली करने के साथ ही कहा गया कि किसी को भी अगले आदेश तक हॉस्टल की सुविधा नहीं दी जाएगी। इसके अलावा मौजूदा स्थिति को देखते हुए कश्मीर के अस्पतालों के सभी कर्मचारियों को निर्देश दिया गया है कि किसी भी संबंधित अधिकारी की लिखित अनुमति के बिना यहां से न जाएं। कुपवाड़ा के मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने वरिष्ठ स्वास्थ्य अधिकारियों को तैनात रहने के लिए एक लेटर जारी किया। सीएमओ कुपवाड़ा ने कहा कि बिना आदेश के अस्पताल से नहीं जाना है और किसी भी अधिकारी की सहमति के बिना छुट्टी पर भी नहीं जाना है।
गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर में मौजूद अमरनाथ यात्रियों और पर्यटकों के लिए कश्मीर से जल्द से जल्द लौट जाने की एडवाइजरी जारी होने के बाद हजारों पर्यटक और अमरनाथ यात्री घाटी से बाहर निकलने की कोशिश में लगे हैं। हालांकि इसके लिए सरकार लोगों की मदद कर रही है, एयरफ़ोर्स की भी मदद ली जा रही है। लेकिन इन सबके बीच राज्य के पूर्व सीएम महबूबा मुफ़्ती और उमर अब्दुल्ला समेत दूसरे नेता भी केंद्र से घाटी की स्थिति पर बयान देने के लिए कह रहे हैं। हालांकि राज्यपाल सत्यपाल ने कहा की किसी को भी डरने की जरुरत नहीं है।
