केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार के चार वर्षों की रिपोर्ट कार्ड पेश करते हुए यह साफ किया कि जम्मू एवं कश्मीर में सरकार की तरफ से किसी तरह के सीजफायर की घोषणा नहीं की गई, बल्कि रमजान के पवित्र महीने को देखते हुए केवल ‘सस्पेंशन ऑफ ऑपरेशन’ किया गया था। लखनऊ स्थित लोकभवन में मोदी सरकार की उपलब्धियों का बखान करते हुए राजनाथ ने ये बातें कही। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, “सरकार की तरफ से सस्पेंशन ऑफ ऑपरेशन किया गया था, सीजफायर नहीं। आतंकवादी घटना होने पर सेना के हाथ नहीं बंधे हैं। जरूरत पड़ने पर हर आतंकवादी हमले का मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा।”
राजनाथ ने कहा कि देश की सीमाओं को सुरक्षित रखने के लिए केंद्र सरकार की तरफ से कॉम्प्रीहेंसिव बॉर्डर सिक्योरिटी सिस्टम (व्यापक सीमा सुरक्षा प्रणाली) की शुरुआत की जा रही है। इसके तहत देश की सीमाओं पर नई तकनीक के राडार लगाए जाएंगे। सीमा पर फ्लड लाइटस का भी इस्तेमाल किया जाएगा, जिससे आतंकवादी अंधेरे का लाभ उठाकर देश की सीमा में न प्रवेश कर पाएं।
बता दें कि दो दिन पहले ही जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने शुक्रवार को कहा था कि पाकिस्तान ने रमजान के पाक महीने में युद्ध विराम का उल्लंघन किया है, जिससे इबादत और तोबा करने के महीने में कीमती जानें गई हैं। मुख्यमंत्री जम्मू जिले के आर.एस. पुरा सेक्टर में पीड़ित परिवारों के घर पहुंची और पाकिस्तानी रेंजर की गोलीबारी में मारे गए लोगों के परिजनों को सांत्वना दी।
मुख्यमंत्री ने कहा, “रमजान के पाक महीने में पाकिस्तान जो कर रहा है वह बर्दाश्त करने वाला नहीं है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पाक महीने में युद्ध विराम की घोषणा की है मगर पाकिस्तान इसका उल्लंघन कर रहा है। उन्होंने कहा, “लगता है कि मुस्लिम देश होने के बावजूद पाकिस्तान को पाक महीने के प्रति कम सम्मान है। मुस्लिम इस महीने में अपना समय इबादत और पश्चाताप करने में बिताता है।
