राजस्थान के निर्दलीय विधायक हनुमान बेनीवाल ने सोमवार को यहां एक बड़ी रैली कर प्रदेश में नए दल राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी की घोषणा की। बेनीवाल ने जयपुर में युवाओं की बड़ी रैली कर अपनी ताकत भी दिखाई। उनके साथ भाजपा छोड़ भारत वाहिनी पार्टी बनाने वाले वरिष्ठ विधायक घनश्याम तिवाड़ी भी रैली में शामिल हुए। इन दोनों नेताओं ने अगले चुनाव में भाजपा और कांग्रेस को सीधे चुनौती देते हुए कहा कि प्रदेश से भ्रष्टाचारियों का शासन खत्म करना उनका मकसद है।
राज्य विधानसभा चुनाव से पहले अब प्रदेश में भाजपा और कांग्रेस को चुनौती देने के लिए तीसरी ताकत के लोग इकटठा होने लग गए हैं। नागौर जिले की खींवसर सीट के निर्दलीय विधायक और लंबे अरसे से जाट समाज पर पकड़ बनाने में लगे हनुमान बेनीवाल ने सोमवार को यहां अपनी ताकत दिखाते हुए सीधे तौर पर मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को ललकारा।
बेनीवाल पूर्व में भाजपा के विधायक ही थे, पर वसुंधरा राजे से मतभेदों के चलते उन्होंने पार्टी छोड़ दी थी। राजे का विरोध करते हुए ही खांटी संघी नेता और वरिष्ठ विधायक तिवाड़ी भी भाजपा से अलग हो गए। इन दोनों नेताओं ने सोमवार को यहां मंच साझा किया तो भाजपा में खासी हलचल मच गई। बेनीवाल ने रैली में अपने नए दल का एलान किया और कहा कि उसका चुनाव चिह्न बोतल होगा। उनकी रैली में उत्तर प्रदेश में रालोद के नेता जयंत सिंह भी शामिल हुए।
बेनीवाल ने कहा कि रैली में शामिल युवाओं के जोश से साफ लग रहा है कि अब भाजपा तो प्रदेश में तीसरे नंबर पर पहुंच जाएगी। दिल्ली में बैठे नेता कहते है कि राजस्थान में तीसरा मोर्चा नहीं बन पा रहा है। बेनीवाल ने कहा कि अब तीसरा मोर्चा बन गया है और सरकार भी उसकी होगी। रैली में भाजपा से अलग हुए वरिष्ठ विधायक घनश्याम तिवाड़ी भी मुख्यमंत्री राजे पर जमकर बरसे। उन्होंने कहा कि मैं और हनुमान बेनीवाल सत्ता में आए तो प्रदेश में हर साल एक लाख बेरोजगारों को रोजगार मुहैया कराया जाएगा। तिवाड़ी ने कहा कि प्रदेश में भाजपा के दिन लद गए हैं और वसुंधरा सरकार ने तो किसानों के खिलाफ ही काम किया है। वसुंधरा शासन में जिस तरह का भ्रष्टाचार किया गया वैसा पहले कभी भी राजस्थान में नहीं हुआ। प्रदेश में हर काम के लिए ही सरकार के स्तर पर लेन-देन किया गया। तिवाड़ी ने दावा किया कि इस बार राजस्थान में जिस तरह का माहौल है उससे साफ हो गया कि भाजपा की बुरी हार होगी।
