जम्मू-कश्मीर के 11 जिलों में नगर निकाय चुनाव के पहले चरण में औसतन 68.82 फीसद वोट डाले गए। अलगाववादियों ने मतदान के बहिष्कार का एलान किया था। सरकार ने मतदान के मद्देनजर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। चुनाव आयोग की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, आतंकवाद प्रभावित कश्मीर घाटी में मतदान का आंकड़ा बेहद कम- औसतन 8.3 फीसद रहा जबकि करगिल में सबसे ज्यादा 78 फीसद मतदान हुआ। जम्मू और लद्दाख में 65 फीसद से ज्यादा मतदान दर्ज किया गया। प्रदेश में 13 साल के बाद स्थानीय व नगर निकाय चुनाव कराए जा रहे हैं। घाटी के 83 वार्डों में कड़ी सुरक्षा के बीच सुबह सात बजे से शाम चार बजे तक मतदान हुआ। चुनाव आयोग के एक अधिकारी के मुताबिक, घाटी में कुल 84,692 मतदाताओं में से सिर्फ 7,057 मतदाता उन वार्डों में मतदान के लिए पहुंचे। जम्मू कश्मीर में शहरी निकाय चुनाव चार चरणों में होंगे जिसमें से पहला चरण सोमवार को संपन्न हुआ।

जम्मू क्षेत्र के 238 वार्डों में 65 फीसद मतदान हुआ। कड़ी सुरक्षा के बीच जम्मू जिले में लगभग सभी जगह मतदाताओं की लंबी कतारें देखी गर्इं। राजौरी, पुंछ, गांधीनगर, आरएस पुरा, बिश्नाह, अरनिया, खौर, जुरियां, अखनूर, नौशेरा, सुरनकोट, कलाकोट और अन्य वार्डों में शांतिपूर्वक वोट पड़े। लद्दाख डिवीजन के लेह और करगिल में क्रम से 55.2 फीसदी और 78.1 फीसदी मतदाताओं ने शाम चार बजे तक अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। सुबह सात बजे शुरू हुआ मतदान शाम चार बजे तक चला। दूसरी ओर, कश्मीर घाटी का नजारा उलट दिखा। दो प्रमुख दलों- नेशनल कॉन्फ्रेंस और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी ने निकाय चुनाव का बहिष्कार किया है। इसका असर घाटी में दिखा। कश्मीर घाटी में बांदीपोरा में सबसे कम 3.3 फीसद मतदान हुआ जबकि कुपवाड़ा में सबसे ज्यादा 36.6 फीसद वोट पड़े। कश्मीर घाटी के 58 वार्डों में पहले चरण के मतदान से पहले कोई चुनावी रैली नहीं हुई। आतंकी समूहों का खौफ मतदान पर साफ देखने को मिला। मतदान केंद्रों पर सन्नाटा पसरा रहा। श्रीनगर नगर निगम के तीन वार्डों के 30,074 मतदाताओं में से महज 1,862 मतदाता ही वोट डालने पहुंचे।

उत्तरी कश्मीर के बांदीपोरा जिले में सोमवार को स्थानीय निकाय चुनाव के बीच कुछ उपद्रवियों ने एक मतदान केंद्र पर भारी पथराव किया। बांदीपोरा के डाचीगाम इलाके में हुई पथराव की घटना में भाजपा का एक उम्मीदवार घायल हो गया। घाटी के 83 वार्डों में ही मतदान हुआ जबकि 69 वार्डों में उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हो गए। कश्मीर मंडल के 150 मतदान केंद्रों में से 138 को अतिसंवेदनशील की श्रेणी में रखा गया था। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह और पूर्व उप मुख्य मंत्री कविंद्र गुप्ता जम्मू के मतदान केंद्र पर वोट डालने पहुंचे। चुनाव के मद्देनजर दक्षिण कश्मीर में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बंद रखी गर्इं। जम्मू के अलावा लद्दाख क्षेत्र के लेह व करगिल में भी मतदान केंद्रों के बाहर उत्साहित मतदाताओं की लंबी कतार देखने को मिली। ये राज्य के वो इलाके हैं जो आतंकवाद से लगभग मुक्त है और अलगाववादियों के बहिष्कार की हमेशा अनदेखा करते रहे हैं।

राज्य चुनाव आयोग के अधिकारी रमेश कुमार के मुताबिक पहले चरण में करीब 422 वार्डों के लिए सुबह सात बजे से मतदान शुरू हुआ। पहले चरण में 1,283 उम्मीदवार मैदान में थे। पहले चरण में जम्मू के 247 वार्ड, कश्मीर के 149 और लद्दाख के 26 वार्डों में चुनाव हुए हैं। दूसरे चरण के लिए 10 अक्तूबर को वोट डाले जाएंगे। दूसरे चरण में 384 वार्डों के लिए वोट डाले जाएंगे। तीसरे चरण के लिए 13 अक्तूबर को 207 वार्डों और आखिरी चरण में 132 वार्डों पर 16 अक्तूबर को वोट डाले जाएंगे। मतगणना 20 अक्तूबर को होगी।

कहां कितना मतदान
कुपवाड़ा : 36.6 फीसद
हंदवाड़ा : 27.8 फीसद
श्रीनगर : 3.5 फीसद
बडगाम : 17 फीसद
अनंतनाग : 7.3 फीसद
बारामूला : 5.7 फीसद
बांदीपोरा : 3.3 फीसद
करगिल: 78 फीसद
लेह : 52 फीसद

पहले चरण में पड़े वोट: अनंतनाग (4), बडगाम , बांदीपोरा (16), बारामूला (15), जम्मू (153), करगिल (13), कुपवाड़ा (18), लेह (13), पुंछ (26), राजौरी (59) और श्रीनगर (3)।