गुजरात की मुख्यमंत्री आनंदीबेन पटेल के इस्तीफे के बाद बीजेपी में इस बात को लेकर विचार-विमर्श जोरों पर है कि किसे गुजारत की कमान दी जाए। ऐसे में वैसे तो 6 नामों पर चर्चा चल रही है लेकिन पुरुषोत्‍तम रुपाला का नाम सबसे आगे चल रहा है। वह भाजपा के राष्‍ट्रीय उपाध्‍यक्ष और केंद्रीय मंत्री हैं। नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद भी वह गुजरात का सीएम बनने के तगड़े दावेदार थे। हालांकि मोदी ने उस समय रुपाला की प्रतिद्वंदी आनंदीबेन को चुना। स्‍कूल टीचर से राजनेता बने रुपाला कडवा पटेल समुदाय से आते हैं और सौराष्‍ट्र से ताल्‍लुक रखते हैं। गुजरात भाजपा में भाषण देने के मामले में मोदी के बाद उन्‍हीं का नंबर आता है। माना जा रहा है कि पाटीदार आंदोलन के बीच अगर उन्‍हें सीएम बनाया जाता है तो भाजपा अपने कोर वोटर का भरोसा फिर से जीत सकती है। पुरुषोत्‍तम के अलावा किन नामों पर चर्चा है देखिए-

 

पुरुषोत्‍तम रुपाला

अमित शाह: गुजरात के नए मुख्‍यमंत्री के लिए अमित शाह का नाम चल रहा है। वे नारनपुरा से विधायक हैं और भाजपा के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष भी हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाजपा में वे दूसरे सबसे ताकतवर नेता हैं। हालांकि ये सवाल उठ रहा है कि मोदी दिल्‍ली से अमित शाह को गुजरात शायद ही भेजे। अगले साल गोवा, पंजाब, उत्‍तराखंड, उत्‍तर प्रदेश और गुजरात में चुनाव है और पार्टी संगठन की कमान शाह के हाथों में ही है। शाह गुजरात के गृह मंत्री रह चुके हैं। वे आनंदी बेन के विरोधी रहे हैं। बताया जा रहा है आनंदी बेन पर इस्‍तीफे का दबाव उन्‍हीं ने डाला था। हालांकि, बुधवार को वेंकैया नायडू ने कहा कि वह पार्टी अध्यक्ष हैं और दौड़ में शामिल नहीं हैं।

अमित शाह

भीखूभाई दलसानिया: गुजरात भाजपा के महासचिव दलसानिया मोदी के समय से ही पार्टी के सबसे ताकतवर नेताओं में से एक हैं। हालांकि पार्टी के बाहर उन्‍हें बहुत कम लोग जानते हैं। वे आरएसएस से आते हैं और संघ और भाजपा के बीच पुल का काम करते हैं। जिस तरह से साल 2001 में मोदी बिना किसी अनुभव के सीएम बने थे उसी प्रकार से दलसानिया भी छुपे रूस्‍तम साबित हो सकते हैं। वे अभी भी संघ में काम करते हैं।


नितिन पटेल: गुजरात के स्‍वास्‍थ्‍य और परिवार मंत्री नितिन पटेल वर्तमान में गुजरात कैबिनेट में नंबर दो की हैसियत रखते हैं। सीएम पद की रेस में वे सबसे आगे हैं। पटेल के पास मंत्री रहने का लगभग दो दशक का अनुभव है। प्रधानमंत्री मोदी के साथ ही अमित शाह भी नितिन पटेल पर भरोसा करते हैं। पाटीदार आंदोलन से निपटने की जिम्‍मेदारी उन्‍हें ही दी गई थी। वे कडव पटेल समुदाय से आते हैं। औद्योगिक पृष्‍ठभूमि से आए नितिन की आरएसएस में भी अच्‍छी पैठ है। लेकिन वह पलेट आंदोलन से निपटने में कामयाब नहीं हो पाए थे। ऐसे में उनकी दावेदारी भी कमजोर पड़ जाती है।

शंकर चौधरी: वे उत्‍तरी गुजरात से आते हैं और ओबीसी नेता हैं। वे स्‍वास्‍थ्‍य और नगरीय विकास राज्‍य मंत्री हैं। अगर भाजपा ओबीसी चेहरे को सीएम पद के लिए चुनती है तो शंकर चौधरी का नंबर लग सकता है।

विजय रुपाणी: वर्तमान में गुजरात भाजपा अध्‍यक्ष रुपाणी साल 2014 में राजकोट विधानसभा के उपचुनाव को जीतकर पहली बार विधायक बने थे। आनंदी बेन सरकार में उन्‍हें मंत्री भी बनाया गया। उन्‍हें गैर विवादित चेहरा माना जाता है। पार्टी कैडर में भी रुपाणी काफी लोकप्रिय हैं और उनकी अच्‍छी पकड़ है। हालांकि वे जैन समुदाय से आते हैं, इस वजह से उनकी दावेदारी कमजोर हो सकती है।