सणोसरा (गुजरात), 30 अगस्त (भाषा)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली में यहां नारेबाजी करने के बाद हार्दिक पटेल नीत पाटीदार अनामत आंदोलन समिति (पीएएएस) के सदस्यों को आज हिरासत में ले लिया गया। वहीं, पुलिस ने कार्यक्रम से पहले आसपास के इलाकों में संगठन के करीब 25 कार्यकर्ताओं को भी पकड़ लिया। एसएयूएनआइ (सौनी) सिंचाई परियोजना के उद्घाटन के बाद जब प्रधानमंत्री जनसभा को संबोधित कर रहे थे तभी पटेल संगठन से जुड़े करीब तीन युवकों ने ‘जय सरदार, जय पाटीदार’ के नारे लगाए। उन्हें हिरासत में ले लिया गया और पुलिस उन्हें उस स्थान से दूर ले गई जहां प्रधानमंत्री एक विशाल जनसभा को संबोधित कर रहे थे। मनगर जिला पुलिस अधीक्षक प्रदीप सेजुल ने बताया, हमने आयोजन स्थल से तीन लोगों बाकी  को हिरासत में लिया है। वे नारेबाजी करने की कोशिश कर रहे थे। हालांकि, नारेबाजी होने के बावजूद मोदी ने अपना भाषण जारी रखा। परियोजना के उद्घाटन से पहले पीएएएस के 25 से अधिक सदस्यों को राजकोट और जामनगर के विभिन्न जिलों से हिरासत में लिया गया ताकि कार्यक्रम में किसी संकट को टाला जा सके। पाटीदार अनामत आंदोलन समिति पटेल समुदाय के लिए ओबीसी कोटा की साल भर से अधिक समय से मांग करते हुए आंदोलन कर रही है। इसने एक बयान में कहा है कि प्रधानमंत्री के समक्ष अपनी आवाज उठाने के मिशन में यह कामयाब रहा है। इसने बताया, पहला नारा मिलन पटेल ने लगाया और इसके बाद अन्य लोगों ने लगाया।

राजकोट की पदधारी और गांधीग्राम पुलिस ने पीएएएस सदस्यों और स्थानीय संयोजकों को हिरासत में लिया जबकि जामनगर जिले की धारोल तालुका पुलिस ने कई अन्य सदस्यों को हिरासत में लिया। पदधारी पुलिस थाना के उप निरीक्षक ने बताया, मंगलवार सुबह हमने कम से कम पांच पास सदस्यों को हिरासत में लिया। ये लोग प्रदर्शन करने सणोसरा जा रहे थे। हमें पता चला है कि सुबह राजकोट और जामनगर के अन्य पुलिस थानों के अधिकारियों ने भी कुछ लोगोंं को हिरासत में लिया है। पीएएएस प्रवक्ता बृजेश पटेल के मुताबिक आयोजन से पहले पास के सभी महत्त्वपूर्ण संयोजकों को हिरासत में ले लिया गया।

आंदोलनकारियों के विरोध के बीच प्रधानमंत्री मोदी ने यहां कहा कि हमें सुनिश्चित करना होगा कि हमारी बहन-बेटियों को शौच के लिए खुले में नहीं जाना पड़े। साथ ही उन्होंने रियो ओलंपिक में महिला खिलाड़ियों के अच्छे प्रदर्शन पर कहा कि यह हमारी बेटियों की असली शक्ति है। ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधू और साक्षी मलिक की प्रशंसा करते हुए मोदी ने कहा कि इन बेटियों ने रियो ओलंपिक खेलों में भारत की प्रतिष्ठा बचाई। यहां सौनी सिंचाई परियोजना के उद्घाटन समारोह में प्रधानमंत्री ने देश में लिंग आधारित भेदभाव समेत कई सामाजिक मुद्दों पर बात की। जामनगर जिले में यहां आयोजित समारोह में मोदी ने कहा, हमें सुनिश्चित करना होगा कि हमारी बहन-बेटियों को खुले में शौच के लिए नहीं जाना पड़े। आपने देखा होगा कि हमारी बेटियों ने रियो ओलंपिक में भारत की प्रतिष्ठा कैसे बचाई और हमें सम्मान दिलाया। यह हमारी बेटियों की सच्ची ताकत है। मोदी ने कहा कि गुजरात सरकार लंबे समय से ‘बेटी बचाओ’ आंदोलन पर काम कर रही है। उन्होंने बच्चों के माता-पिता और समाज से लड़के-लड़कियों में भेदभाव नहीं करने का अनुरोध किया। मोदी ने कहा, मैं लोगों से आग्रह करता हूं कि अपनी पुरानी गलतियों को नहीं दोहराएं। हमें समझना चाहिए कि हमारी लड़कियां भी लड़कों की तरह सक्षम हैं जो रियो ओलंपिक में साबित हो गया। उनमें भेदभाव नहीं करें। प्रधानमंत्री ने कहा कि ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ आंदोलन को ‘बेटी खिलाओ’ के अगले स्तर पर ले जाने की जरूरत है।

मोदी ने कहा कि रियो में बेटियों के अच्छे प्रदर्शन के बाद लोगों ने कहना शुरू कर दिया- बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ और बेटी खिलाओ। इसलिए हमें अपनी बेटियों को खेल गतिविधियों में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए। साल 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद राज्य में उनकी यह प्रथम जनसभा थी, जहां 2017 में विधानसभा चुनाव होने हैं। महत्त्वाकांक्षी सौनी परियोजना के प्रथम चरण का यहां उद्घाटन करने के बाद मोदी ने कांग्रेस पर एक परोक्ष हमला करते हुए कहा कि चुनाव प्रलोभन देकर जीते जा सकते हैं, लेकिन ऐसा कर देश नहीं चलाया जा सकता।  मोदी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि उनकी सरकार मतदाताओं को लुभाने के लिए प्रलोभन देने में यकीन नहीं रखती। गुजरात की इस वक्त यात्रा किए जाने पर कांग्रेस ने सवाल उठाए थे जहां विधानसभा चुनाव होने हैं। मोदी ने पाटीदार (पटेल) बहुल सौराष्ट्र क्षेत्र में जामनगर जिला के सणोसरा गांव में एक विशाल जनसभा में कहा, ‘आप प्रलोभन देकर चुनाव जीत सकते हें लेकिन आप ऐसा कर देश नहीं चला सकते। हम प्रलोभन देने में यकीन नहीं रखते हैं। हमने बदलाव और विकास लाने के लिए इस परियोजना पर करीब 15 साल काम किया है।

पानी गुजरात में राजनीतिक रूप से एक संवेदनशील मुद्दा है, जिसकी भाजपा की साल 2017 के विधानसभा चुनाव से भुनाने की योजना है, खासतौर पर ऐसे वक्त जब यह पटेल कोटा आंदोलन और दलितों के विरोध का सामना कर रही है। कांग्रेस ने ऐसे वक्त में सौनी योजना के प्रधानमंत्री द्वारा उद्घाटन को चुनाव से पहले मतदाताओं को संदेश देने की एक कोशिश बताया है। अपने भाषण में मोदी ने जल संरक्षण पर जोर दिया और गुजरात के मुख्यमंत्री रहने के दौरान के अपने दिनों को याद किया जब लोग कृषि क्षेत्र में बदलाव लाने की उनकी दूरदृष्टि को नहीं समझ सके। मोदी ने कहा, जब मैं पहली बार (2001) में गुजरात का मुख्यमंत्री बना तब मैं किसानों को यह कहा करता था कि सिंचाई के लिए अधिक बिजली पाने के लिए सरकार से लड़ने की बजाय उन्हें जल प्रबंधन पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। हालांकि, मैं करीब दो तीन साल तक उन्हें समझाने में नाकाम रहा।

मोदी ने कहा, उस वक्त मैंने किसानों का काफी विरोध झेला। उन्होंने मेरे पुतले फूंके। लेकिन अपने विजन पर दृढ़ रहा। स्प्रिंकलर, ड्रिप सिंचाई और सूक्ष्म सिंचाई उपकरणों के जरिए जल संरक्षण की मेरी दूरदृष्टि को स्वीकार करने को लेकर मैं किसानों का शुक्रिया अदा करना चाहता हूं। इसने भूजल स्तर को काफी हद तक ऊपर उठाया। उन्होंने कहा कि नर्मदा का पानी अब शुष्क कच्छ क्षेत्र के आखिरी छोर तक पहुंच चुका है और किसानों की काफी हद तक मदद की है। मोदी ने कहा, नर्मदा का पानी कच्छ में खावदा तक पहुंच गया है। एक ऐसा वक्त था जब वहां तैनात हमारे बीएसएफ के जवानों के लिए पानी ढोने के लिए ऊंट का इस्तेमाल किया जाता था। लेकिन अब, वे नहाने तक के लिए नर्मदा के पानी का इस्तेमाल करते हैं। उन्होंने कहा, हमने जय जवान जय किसान के उद्देश्य पर काम किया। नर्मदा के पानी ने किसानों का जीवन भी बदल दिया।