बुधवार को दिल्ली में विपक्ष शक्ति प्रदर्शन करेगा। इस शक्ति प्रदर्शन में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्र बाबू नायडू, मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल शामिल होंगे। इस रैली को ‘तानाशाही हटाओ, देश बचाओ’ रैली का नाम दिया गया है। इस रैली में शामिल होने से पहले ममता बनर्जी पहले संसद भवन में तृणमूल कांग्रेस के कार्यालय जाएंगी, जहां वह अपनी पार्टी और दूसरे दलों के सांसदों से मुलाकात करेंगी। ममता बनर्जी ने विभिन्न विपक्षी नेताओं से इस रैली में शामिल होने की अपील की है। दूसरी तरफ, आंध्र प्रदेश को विशेष दर्जे की मांग को लेकर राष्ट्रपति भवन की ओर मार्च निकाला गया। इसमें राज्य विभाजन कानून में किए गए वादों और विशेष दर्जे सहित 18 मांगों वाला एक ज्ञापन राष्ट्रपति को सौंपा।
चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि हमने राष्ट्रपति से मुलाकात की और अपनी मांग के बारे में उन्हें अवगत कराया। केंद्र सरकार ने आंध्र प्रदेश विभाजन कानून के वादों को नजरअंदाज किया है। केंद सरकार इस मामले को लेकर समय बर्बाद कर रही है और राज्य को अनुदान भी जारी नहीं कर रही। हैदराबाद की प्रगति के लिए 60 साल तक संघर्ष किया गया और आज यह विश्वस्तरीय शहरों में शुमार है। आंध्रप्रदेश के साथ नाइंसाफी देखकर कई लोग अवसाद में चले गए और हाल में एक दिव्यांग व्यक्ति अर्जुन राव ने राज्य को विशेष दर्जा नहीं दिए जाने पर खुदकुशी कर ली।उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों के साथ चुनाव पूर्व गठबंधन की संभावना को खारिज नहीं किया जा सकता।

