कुछ दिनों पहले ही दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने राजधानी में 2.5 लाख राशन कार्ड रद करने के फैसले पर नाराजगी जताई थी। इसके बाद दिल्ली के खाद्य और आपूर्ति मंत्री इमरान हुसैन ने अपने विभाग से उन्हें दोबारा बहाल करने के लिए कहा है। मंत्री ने कार्डों को रद करने के फैसले को शुरू से शून्य घोषित कर दिया है। इसके अलावा 70 सर्किल के खाद्य और आपूर्ति विभाग के अधिकारियों को सुधारात्मक प्रकिया अपनाते हुए दो दिनों के भीतर रिपोर्ट दाखिल करने के लिए कहा है।
टीओआई की रिपोर्ट के मुताबिक, सभी 70 सर्किल के खाद्य और आपूर्ति विभाग के अधिकारियों को लिखे अपने पत्र में मंत्री ने कहा है कि 2,53,178 कार्डों को रद करने का काम राज्य सरकार के आदेशों के अलावा लक्ष्यित जन वितरण प्रणाली (नियंत्रित) 2015, का भी उल्लंघन है। इसका लक्ष्य गरीबी की रेखा से नीचे रहने वाले लोगों को बेहद कम दामों पर अनाज उपलब्ध करवाना था। हुसैन ने कहा कि किसी स्थिति में कार्ड को रद किया जाता है, ऐसे में खाद्य और आपूर्ति विभाग के अधिकारी सभी प्रक्रियाओं का पालन करेंगे, जिसमें नोटिस जारी करना, नोटिस तामील करना, कार्ड धारक को अपनी बात रखने का मौका देना और हर दरवाजे पर जाकर भौतिक सत्यापन करना भी शामिल है।
मंत्री ने यह भी कहा कि अगर दिल्ली में भूख के कारण या राशन उपलब्ध न होने के कारण कोई मौत होती है अथवा किसी अन्य कारण से योग्य व्यक्ति का कार्ड ठीक से सत्यापन न हो पाने के कारण रद हो जाता है। इन परिस्थितियों में संबंधित क्षेत्र के खाद्य अधिकारी या खाद्य निरीक्षक के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करवाया जाएगा। अरविंद केजरीवाल ने इससे पहले खाद्य आयुक्त की ‘बिना किसी वैध और उचित कारण’ के राशन कार्ड रद करने के फैसले की आलोचना की थी। इस पर खाद्य आयुक्त ने तर्क दिया था कि कार्ड रद करने से पहले सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया गया था।
मजेदार बात ये भी है कि विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के इस मामले में कथित ढुलमुल रवैये के बावजूद मंत्री ने राशन कार्ड को बहाल करने का आदेश खाद्य और आपूर्ति विभाग के अधिकारियों को दिया है। मंत्री के निजी सचिव के लिखे गए पत्र की प्रति खाद्य और आपूर्ति विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को सिर्फ सूचनार्थ भेजी गई है।

