वाराणसी पुलिस ने मणिकर्णिका घाट पर चल रहे पुनर्विकास कार्यों के बारे में सोशल मीडिया पर एआई से बनाई गई तस्वीरें, वीडियो और भ्रामक जानकारी प्रसारित करने के आरोप में कार्रवाई की है। वाराणसी पुलिस ने आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह, कांग्रेस नेता पप्पू यादव सहित आठ लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) गौरव बंसल ने बताया कि मणिकर्णिका घाट पर चल रहे सौंदर्यीकरण और श्मशान सुविधाओं पर चल रहे सुधार के संबंध में मनगढ़ंत सामग्री फैलाने के आरोप में बीएनएस की संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई हैं।
वाराणसी के चौक थाने में शनिवार को इस मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद सांसद संजय सिंह ने प्रतिक्रिया दी है।
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संजय सिंह ने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकसभा क्षेत्र में मणिकर्णिका घाट को तहस-नहस किया गया, मंदिरों को तोड़ा गया, काशी विश्वनाथ मंदिर का जीर्णोद्धार कराने वाली माता अहिल्याबाई होल्कर जी की प्रतिमा भी तोड़ी गई जिसका विरोध काशी के साधुओं ने किया, अहिल्याबाई होल्कर जी के परिवार ने किया। यहां तक कि लोकसभा की पूर्व अध्यक्ष सुमित्रा महाजन जी ने भी विरोध दर्ज कराया। मगर एफआईआर मुझपर कर दी गई।”
संजय सिंह ने चेतावनी भरे लहजे में कहा, ”मंदिरों को तोड़ने वाले पापियों पर कारवाई करो, मुझे डराने की कोशिश मत करो।”
सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) अतुल अंजान त्रिपाठी ने बताया कि मणिकर्णिका घाट को लेकर भ्रामक वीडियो और एआई से बनी तस्वीरें बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल करने के मामले में वाराणसी पुलिस ने चौक थाने में कुल आठ एफआईआर दर्ज की हैं।
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एसीपी ने कहा- आरोप है कि इन लोगों ने जानबूझकर भ्रामक सूचना फैलाकर धार्मिक भावनाओं को भड़काने का प्रयास किया। त्रिपाठी ने बताया कि मणिकर्णिका घाट से जुड़ा एक फर्जी और भ्रामक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल किया गया, जिसमें एआई तकनीक का उपयोग कर तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर प्रस्तुत किया गया।
अफवाह फैलाने की कोशिश
पुलिस अधिकारी ने बताया कि इसके साथ ही एआई से बनी तस्वीरें भी शेयर की गईं, जिससे आमजन में भ्रम और गुस्से की स्थिति बन गई। उन्होंने कहा कि जांच में सामने आया है कि इस मामले में पोस्ट करने, रीट्वीट करने और आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले लोग भी शामिल हैं। पुलिस ने इसे संगठित तरीके से अफवाह फैलाने की कोशिश माना है।
पुलिस का कहना है कि यह काम केवल भ्रामक सूचना फैलाने का नहीं है, बल्कि इससे धार्मिक भावनाएं भड़काने का गंभीर प्रयास किया गया, जो दंडनीय अपराध है। इसी आधार पर संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
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