बिहार में भारतीय जनता पार्टी के सभी 17 सांसद सदर अस्पतालों में बाल चिकित्सा गहन देखभाल इकाई (पीआईसीयू) बनाने के लिए 25-25 लाख रुपए देंगे। यह रकम सांसद निधि से दी जाएगी। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने इसकी जानकारी दी। बिहार में चमकी बुखार (इन्सेफेलाइटिस) से लगभग 150 बच्चों की मौत हो चुकी है।
नित्यानंद राय ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी। उन्होंने ट्वीट किया ‘भाजपा के सभी 17 सांसद अपने जिलों में पीआईसीयू का निर्माण करायेंगे और सांसद निधि से 25 लाख की राशि निर्गत करेंगे। एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम (एईएस) को लेकर केंद्र व राज्य सरकार गंभीर है। इस बीमारी को रोकने के लिए सभी जरुरी कदम उठाये जा रहे हैं। हम सब बच्चों व उनके परिजनों के साथ हैं।’
मालूम हो कि चमकी बुखार के चलते अस्पतालों में बच्चों की देखभाल के लिए की गई व्यवस्था की पोल खुल चुकी है। सूबे के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सवालों के घेरे में हैं। अस्पतालों में बेड और बाल चिकित्सा गहन देखभाल इकाई न होने की वजह से कई बच्चों को समय पर इलाज नहीं मिल सका और उनकी मौत हो गई। एक ही बेड पर तीन चार बच्चों का इलाज किया जा रहा है।
मुजफ्फरपुर में इन्सेफेलाइटिस से सबसे ज्यादा मौतें हुई हैं। जिले के श्री कृष्णा मेडिकल कॉलेज व अस्पताल (एचकेएमसीएच) में सबसे ज्यादा बच्चों की मौत हुई है। नीतीश ने इस अस्पातल का इस हफ्ते दौरा भी किया था जहां पर उन्हें जमकर विरोध का सामना करना पड़ा था। इस दौरान अस्पताल परिसर में लोग उनसे इस्तीफे की मांग कर रहे थे। इस दौरान उनके खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की हुई।
हालांकि सीएम नीतीश ने अस्पताल के दौरे के बाद कई घोषाणाएं की हैं। जिनमें बेड की संख्या में बढ़ोतरी और अस्पताल के पास ‘धर्मशाला’ का निर्माणा प्रमुख हैं। वहीं केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने बुधवार को डॉक्टरों और विशेषज्ञों के साथ इस अबूझ बीमारी को लेकर बैठक की।
