देश की राजधानी में एक बार फिर से दिल्ली सरकार ने गाड़ियों के लिए “सम-विषम” यानी Odd-Even लागू करने का निश्चय किया है। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब एक तरफ दिल्ली सरकार पर्यावरण का हवाला देकर इस फैसले को लागू करने की वकालत कर रही है तो वहीं हाल ही में हुए मोटर व्हीकल एक्ट के संशोधन के बाद से लोग यह सोच कर परेशान हैं कि जुर्माने में बढ़ोत्तरी के बाद आखिर odd-even नियम के जाने-अनजाने इस नियम को तोड़ने पर यह आम आदमी की जेब पर कितना भारी पड़ने वाला है?
जुर्माने की रकम पर अभी फैसला नहीं: इससे पहले जनवरी और अप्रैल 2016 में दिल्ली सरकार ने सम-विषम योजना लागू की थी। उस समय इसका उल्लंघन करने पर 2000 रुपए के जुर्माने का प्रावधान था। एक अधिकारी ने बताया कि हालांकि जुर्माने को लेकर अंतिम फैसला अभी नहीं लिया गया है क्योंकि संशोधित मोटर वाहन कानून के तहत उल्लंघन के कई मामलों को एक साथ जोड़ने की अधिसूचना को दिल्ली सरकार ने अभी अधिसूचित नहीं किया है।
जुर्माना कम कर सकती है सरकार : ज्यादा जानकारी देते हुए अधिकारी ने बताया, “सरकार के पास जुर्माना कम करने का अधिकार है। वह ऐसा कर भी सकती है और नहीं भी कर सकती है। एमवी कानून की धारा 115 के तहत सम-विषम नियम के उल्लंघन पर जुर्माने को संशोधन के बाद 2000 रुपए से बढ़ाकर 20000 कर दिया गया है। ये संशोधन इस साल एक सितंबर से लागू किए गए थे।
सरकार कर सकती है वाहन प्रयोग बाधित : एमवी कानून की धारा 115 राज्य सरकार को वाहनों का प्रयोग बाधित करने का अधिकार देती है और दिल्ली सरकार ने इसी के आधार पर सम-विषम योजना लागू की है।
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अंतिम अंक से होगा रजिस्ट्रेशन : राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में चार नवंबर से पुन: लागू हो रहे सम-विषम नियम का उल्लंघन करने पर संशोधित मोटर वाहन कानून के तहत 20,000 रुपए का जुर्माना हो सकता है। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। सम-विषम नियम के तहत वाहनों की पंजीकरण संख्या के अंतिम अंक के आधार पर एक दिन केवल सम अंक की गाड़ियां और अगले दिन केवल विषम अंक के वाहन वैकल्पिक आधार पर सड़कों पर चलेंगे।
पर्यावरण बचाने की खातिर उठाया था कदम : दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने हाल ही में यह घोषणा की थी कि सर्दियों में वायु प्रदूषण को नियंत्रित रखने के लिए चार से 15 नवंबर तक सात बिन्दुओं वाली कार्य योजना के तहत दिल्ली में सम-विषम योजना लागू की जाएगी। हालांकि इस संबंध में पर्यावरण को ध्यान में रखकर यह फैसला लेने की बात कहकर उठाये गए इस कदम पर दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल को ख़ासा आलोचना झेलनी पड़ी थी। Odd-Even का नियम दिल्ली में लागू होने के साथ ही से चर्चा का विषय रहा है साथ ही लोगों को हुई समस्याओं को लेकर इसके दोनों पक्ष देखें तो इसकी आलोचना करने वाले भी उतने ही हैं जितने कि इसके समर्थन में लोग बोलते दिखे थे।

