भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आइआइटी) दिल्ली ने वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए सरकार की योजनाओं में सहयोग किया है। इसके लिए आइआइटी के पूर्व छात्र अरुण दुग्गल ने संस्थान में स्थापित स्वच्छ वायु शोध उत्कृष्ट केंद्र (सीईआरसीए) को पांच करोड़ रुपए दिए हैं। आइआइटी दिल्ली से 1967 में बीटेक करने वाले दुग्गल ने सीईआरसीए के बारे में बताया कि संस्थान के विद्यार्थी और शिक्षक इस केंद्र के माध्यम से सरकार को वायु गुणवत्ता सुधार पर नीतियां बनाने में मदद करेंगे। संस्थान के निदेशक प्रोफेसर वी रामगोपाल राव ने कहा कि दिल्ली में वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए आइआइटी ने काफी काम किया है। इसके तहत प्रदूषण का स्रोत जानने से लेकर आसपास के राज्यों में जलाई जाने वाली पराली के अलग तरह से निस्तारण तक का काम किया गया है।

दुग्गल और संस्थान के प्रयास से हम आगे सभी सरकारी एजंसियों को एक साथ लाने का काम कर सकेंगे। आइआइटी दिल्ली में शोध व विकास के डीन प्रोफेसर बीआर मेहता ने बताया कि स्वच्छ हवा के क्षेत्र में शोध के लिए संस्थान ने 10 करोड़ रुपए आबंटित किए हैं। पूर्व छात्र मामलों के डीन प्रोफेसर संजीव सांघी ने कहा कि जब पूर्व छात्रों की ओर से इस तरह का कार्य किया जाता है तो हमें बहुत गर्व होता है।