दिल्ली महिला आयोग ने नेपाल जाकर एक शख्स को दूसरी शादी करने से रुकवा दिया। दरअसल शख्स ने अपनी पत्नी को दो साल से छोड़ कर रखा था और नेपाल जाकर दूसरी शादी की फिराक में था लेकिन पत्नी को इस साजिश की भनक लग गई जिसके बाद उसने महिला आयोग की मदद ली। महिला आयोग ने भी मामले में तेजी दिखाते हुए शख्स की शादी रुकवा दी। बता दें कि पीड़ित महिला दिल्ली के बुराड़ी क्षेत्र की रहने वाली है। जिसकी 6 साल पहले नेपाल निवासी आकाश से शादी हुई थी। पीड़ित महिला ने महिला आयोग को दिए शिकायती पत्र में बताया कि आकाश का परिवार उसे दहेज के लिए प्रताड़ित करता था और जब पीड़िता गर्भवती हुई तो उसके ससुराल पक्ष ने उसे उसके मायके भेज दिया। वहीं जब पीड़िता ने एक बेटी को जन्म दिया तो ससुराल पक्ष के लोगों ने उससे संपर्क ही खत्म कर दिया।
बेटी को लेकर आकाश के घर पहुंची महिला: बेटी के जन्म के बाद जब पीड़िता आकाश के घर पहुंची तो आकाश के परिवार ने एक बार फिर से उसे दहेज के लिए प्रताड़ित करना शुरु कर दिया। यहीं नहीं पीड़िता की शिकायत के मुताबिक आकाश उसके साथ मारपीट भी करता था और उसका परिवार दहेज के सामान का मजाक उड़ाता और हर दिन उसकी बेइज्जती करता। आकाश के परिजन ने सिर्फ पीड़िता बल्कि उसके माता-पिता को भी गालियां देते थे। ऐसे में परेशान होकर पीड़िता आखिरकार दिल्ली आकर अपनी बेटी के साथ रहने लगी। ऐसे में कई साल बीत गए और आकाश या उसके परिजनों ने एक भी बार उसका हाल चाल नहीं जानने की कोशिश की।
दूसरी शादी कर रहा है पति: पीड़िता बताती है कि कुछ दिन पहले ही उसे पता लगा कि उसका पति दूसरी शादी कर रहा है। ऐसे में उसने उसकी शादी रोकने के लिए दिल्ली महिला आयोग की मदद मांगी चूंकि नेपाल में भी शादी के लिए भारत के समान ही कानून है। वहीं दिल्ली महिला आयोग की सदस्य प्रोमला गुप्ता ने केआई नेपाल एनजीओ की सहायता ली जो कि महिलाओं के अधिकारों के लिए काम करता है। इसके बाद यह एनजीओ पुलिस के साथ आकाश के घर पहुंचा और शादी को रुकवाया।

