दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि राज्य सरकार स्कूल जाने वाले सभी लड़कों से शपथ लेगी कि वे लड़कियों से शिष्टतापूर्वक व्यवहार करेंगे। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने इसकी योजना बनाई है। वे इसे लागू करेंगे। दिल्ली में उद्योग संगठन फिक्की की ओर से महिलाओं के एक कार्यक्रम में सीएम ने कहा कि यह शपथ सरकारी और प्राइवेट सभी स्कूलों के लड़कों से ली जाएगी।
कहा- लड़कियों का बढ़ा आत्मविश्वास : सीएम केजरीवाल ने कहा, “मैंने ऐसे कई परिवारों से मुलाकात की है, जिनकी बेटियां सरकारी स्कूल में जाती हैं और बेटे प्राइवेट स्कूलों में पढ़ते हैं। कई वर्षों तक लड़कियां अपने को अपमानित समझती थीं, क्योंकि वे सोचती थीं कि उनकी पढ़ाई का कोई महत्व नहीं है।” उनके मुताबिक सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाली लड़कियां समझती थीं कि उन्हें उनके भाइयों से कम महत्व दिया जाता है।
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सीएम बोले- बुनियादी सुविधाओं में आया सुधार : मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय राजधानी के सरकारी स्कूलों की बुनियादी सुविधाओं को बढ़ाने में आम आदमी पार्टी की ओर से किए गए प्रयासों को बताते हुए कहा, “अब सरकारी स्कूलों में क्रांतिकारी बदलाव आने पर लड़कियों ने मुझे बताया कि वे खुद को अब अपने भाइयों के बराबर महसूस करती हैं। उनके भाइयों के प्राइवेट स्कूलों की तरह उनके सरकारी स्कूलों में स्वीमिंग पूल्स हैं। इससे लड़कियों की पूरी पीढ़ी में काफी आत्मविश्वास आया है।”
महिलाओं से अपील- बेटों पर बनाएं नैतिक दबाव : सितंबर में राष्ट्रीय राजधानी के एक स्कूल ने देश के सरकारी स्कूलों की रैंकिंग में शीर्ष स्थान हासिल किया, जबकि दो अन्य लोगों ने वेबसाइट एजुकेशन वर्ल्ड द्वारा जारी रैंकिंग में पहले 10 में जगह बनाई। द्वारका में सरकार द्वारा संचालित राजकीय प्रतिभा विकास विद्यालय शीर्ष पर आया। उन्होंने कहा, ” हमें लड़कों पर एक नैतिक दबाव बनाने की जरूरत है कि हम लड़कियों के साथ किसी भी तरह के अपमानजनक कार्यों को बर्दाश्त नहीं करेंगे।” मुख्यमंत्री ने कहा, ” महिलाएं अपने बटों को बताएं कि यदि कभी उन्होंने बेटियों के साथ कुछ गलत किया तो उन्हें कभी भी घर में नहीं आने देंगे। हमें लड़कों को यह बात समझानी होगी।”
