दिल्ली सरकार इन दिनों बजट सत्र की तैयारी में जुटी है। इसके लिए मंत्रिपरिषद की बैठक बुलाई गई है। इस बीच, दिल्ली के मुख्य सचिव अंशु प्रकाश ने मुख्यमंत्री केजरीवाल को पत्र लिखकर कहा कि वह इस पूर्वधारणा के साथ बैठक में शामिल हो रहे हैं कि उनके खिलाफ शारीरिक या जुबानी हमले नहीं होंगे। सीएम को भेजे पत्र में उन्होंने लिखा, ‘बजट सत्र की तिथि से जुड़े महत्वपूर्ण मसलों पर विचार-विमर्श के लिए मंत्रिपरिषद की बैठक बुलाई गई है। दिल्ली सरकार के कर्मचारी पूरी क्षमता के साथ काम कर रहे हैं, ताकि सरकार का कामकाज प्रभावित न हो। बजट सत्र की तिथि को तय करना और बजट को पास करना सरकार के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। मैं अपने संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक में शिरकत करूंगा। मेरा निर्णय इस पूर्वधारणा पर आधारित है कि मुख्यमंत्री यह सुनिश्चित करेंगे कि उनके या अन्य अधिकारियों पर न तो शारीरिक और न ही जुबानी हमले किए जाएंगे। साथ ही उम्मीद की जाती है कि बैठक में डेकोरम का पालन किया जाएगा और अधिकारियों की प्रतिष्ठा की भी रक्षा की जाएगी।’ मुख्य सचिव ने मंगलवार (27 फरवरी) को सीएम केजरीवाल को पत्र लिखा।
#Delhi Chief Secretary Anshu Prakash writes to Delhi CM over today's meeting of council of ministers on budget session, says, 'will attend the meeting on the assumption that CM will ensure there is no physical attack & verbal assault on the officers' pic.twitter.com/NpfAr80EMV
— ANI (@ANI) February 27, 2018
अंशु प्रकाश ने सीएम आवास पर 19 फरवरी को हुई बैठक में मुख्यमंत्री के सामने आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायकों पर मारपीट का आरोप लगाया था। मेडिकल जांच में उनके शरीर पर चोट के निशान पाए गए थे। मुख्य सचिव ने इसको लेकर उत्तरी दिल्ली के सिविल लाइंस थाने में एफआईआर भी दर्ज कराई थी। इसमें ओखला से AAP विधायक अमानतुल्ला को मुख्य आरोपी बनाया गया था। अमानतुल्ला ने जहां जामिया नगर थाने में समर्पण कर दिया था, वहीं पार्टी के एक अन्य विधायक प्रकाश जरवाल को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। AAP विधायकों ने अंशु प्रकाश पर जातिगत टिप्पणी करने का आरोप लगाया था। दिल्ली पुलिस ने सीएम आवास से सीसीटीवी कैमरों को जब्त कर लिया था। इस पर मुख्यमंत्री केजरीवाल ने कड़ी प्रतिक्रिया जताई थी। केजरीवाल की समस्याएं उस वक्त बढ़ गई थीं, जब उनके सलाहकार वीके जैन ने भी अंशु प्रकाश के साथ मारपीट की पुष्टि कर दी। इस घटना के बाद केजरीवाल सरकार और नौकरशाही के बीच तनातनी की स्थिति बनी हुई है।
