कोरोना का कहर पूरी दुनिया में देखने को मिल रहा है। भारत में भी इसका संक्रामण तेजी से बढ़ रहा है। इसे ध्यान में रखते हुए कई राज्य सरकारों ने स्कूल, सिनेमा हॉल, स्विमिंग पूल, मॉल बंद कर दिये हैं। केंद्र सरकार ने भी लोगों के अपील की है कि वे बड़ी सभाएं आयोजित न करें और इस महामारी से लड़ने में उनकी मदद करें। इसके बावजूद उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने अयोध्या में सदियों पुराने राम नवमी मेले को आयोजित करने का फैसला किया है।
उत्तर प्रदेश सरकार ने कोरोना वायरस के चलते 2 अप्रैल तक स्कूल-कॉलेज बंद करने का फैसला किया है। लेकिन राम नवमी मेला 25 मार्च से 2 अप्रैल तक आयोजित किया जाएगा। द प्रिंट की रिपोर्ट के मुताबिक नवंबर में सुप्रीम कोर्ट के अयोध्या मामले में फैसले के बाद यह पहली ऐसी सभा होगी। इसीलिए इस साल इसे और भी ज्यादा खास माना जा रहा है।
इससे पहले सोमवार को अयोध्या के मुख्य चिकित्सा अधिकारी घनश्याम सिंह ने कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रामण के बीच सामूहिक धार्मिक आयोजन को लेकर चिंता जताई थी। सिंह ने मुख्यमंत्री आदित्यनाथ द्वारा सामूहिक समारोह आयोजित नहीं करने की सलाह और स्वैच्छिक सामाजिक दूरी का अभ्यास करने का हवाला देते हुए ऐसा नहीं करने की बात कही। उन्होंने कहा, “मैंने जिला प्रशासन को इस बार रामनवमी मेला रद्द करने की सलाह दी है।” लेकिन प्रशासन ने उनकी इसे चिंता को दरकिनार कर दिया है।
जिलाधिकारी अनुज कुमार झा ने इस मेले की रविवार को घोषणा की। टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार, “राम नवमी को परंपरा के अनुसार और सभी सावधानियों के साथ मनाया जाएगा।” उन्होंने आगे कहा “प्रशासन लोगों के लिए सलाह जारी करेगा और भक्तों के स्वास्थ्य की आवश्यक देखभाल की जाएगी।”

