पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस नेता जयपाल रेड्डी का दावा है कि गोवा का सीएम बने रहने के लिए मनोहर पर्रिकर राफेल डील के जरिए पीएम नरेंद्र मोदी को ब्लैकमेल करने की कोशिश कर रहे हैं। बता दें कि गोवा में मुख्यमंत्री बदलने के लिए कांग्रेस लगातार जनाक्रोश रैली कर रही है। पार्टी का दावा है कि मुख्यमंत्री के गिरते स्वास्थ्य के चलते सरकार का काम प्रभावित हो रहा है। जयपाल रेड्डी ने पर्रिकर पर यह आरोप मडगांव में आयोजित एक रैली में लगाया। उन्होंने कहा कि गोवा के सीएम बनने से पहले पर्रिकर मोदी सरकार में रक्षा मंत्री थे। ऐसे में पर्रिकर को राफेल सौदे के बारे में पूरी जानकारी है।
सीएम की कुर्सी से जोंक की तरह चिपके हैं पर्रिकर
जयपाल रेड्डी ने कहा, ‘‘सीएम पर्रिकर खुद नैतिकता की बात करते हैं, लेकिन मुख्यमंत्री की कुर्सी पर जोंक की तरह चिपके हुए हैं। मैं जानता हूं कि वे पीएम मोदी को ब्लैकमेल करने की स्थिति में हैं। क्या वे यह कदम सीएम की कुर्सी पर बने रहने के लिए उठा रहे हैं?’’ जनाक्रोश रैली में रेड्डी के साथ गोवा कांग्रेस के प्रमुख गिरीश चोडांकर, गोवा के पूर्व मुख्यमंत्री दिगंबर कामत, रवि नाइक, फ्रांसिस्को सार्डिन्हा भी मौजूद थे। वहीं, बीजेपी ने कहा कि राफेल मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट से क्लीन चिट मिल चुकी है, लेकिन कांग्रेस जबरन इसे खींचना चाहती है। बता दें कि 14 दिसंबर को सुप्रीम कोर्ट ने 36 राफेल लड़ाकू विमान खरीदे जाने के मामले में केंद्र सरकार को क्लीन चिट देते हुए सभी याचिकाएं खारिज कर दी थीं।
तिरंगा न फहराने पर भी जताया ऐतराज
कुछ दिन पहले मनोहर पर्रिकर ने दो निर्माणाधीन पुलों का निरीक्षण किया था। उस दौरान वे काफी कमजोर नजर आए। साथ ही, उनकी नाक में नली भी पड़ी हुई थी। कांग्रेस का कहना है कि अगर सीएम निर्माणाधीन पुल देखने जा सकते हैं तो उन्हें गोवा के आजादी दिवस (19 दिसंबर) पर तिरंगा भी फहराना चाहिए। चोडांकर ने कहा कि तिरंगा फहराना, पुलों के निरीक्षण करने से ज्यादा सरल और सम्मानित काम है। बीजेपी के महासचिव सदानंद तनवाड़े ने जवाब में कहा कि सीएम पर्रिकर के स्वास्थ्य को लेकर कांग्रेस करीब 2 महीने से प्रदर्शन कर रही है, लेकिन उन्हें कोई प्रतिक्रिया नहीं मिल रही। इसकी वजह यह है कि लोग पर्रिकर का बहुत सम्मान करते हैं। हर आदमी उनके योगदान को जानता है।
स्वास्थ्य मंत्री ने दी थी पर्रिकर की बीमारी की जानकारी
30 अक्टूबर को गोवा के स्वास्थ्य मंत्री विश्वजीत राणे ने पर्रिकर को पैनक्रियाटिक कैंसर होने की जानकारी दी थी। दरअसल विपक्ष कई दिन से पूछ रहा था कि क्या पर्रिकर शासन चलाने की अवस्था में हैं। इसके बाद स्वास्थ्य मंत्री ने यह बयान दिया था।
