दिल्ली में विधानसभा चुनाव से कुछ महीने पहले मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने गुरुवार को कहा कि दिल्ली में अनधिकृत कॉलोनियों के निवासियों को जल्द ही अपनी संपत्तियों का मालिकाना हक मिलेगा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने इस संबंध में दिल्ली सरकार के एक प्रस्ताव पर सहमति व्यक्त की है। केजरीवाल के मुताबिक, केंद्र सरकार की मंजूरी बहुत जल्द मिलने वाली है। दिल्ली सरकार के मंत्रिमंडल ने 2 नवंबर, 2015 को अनधिकृत कालोनियों को नियमित करने और उनके निवासियों को अपनी संपत्तियों का स्वामित्व अधिकार प्रदान करने का प्रस्ताव पारित किया था। इस संबंध में एक पत्र उसी वर्ष 12 नवंबर को केंद्र को भेजा गया था।
मुख्यमंत्री केजरीवाल ने एक संवाददाता सम्मेलन में गुरूवार को कहा, ‘‘मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि प्रस्ताव का एक बहुत ही सकारात्मक जवाब हमें बुधवार को केंद्र सरकार से मिला है। केंद्र अनधिकृत कॉलोनियों को नियमित करने के लिए तैयार है। मैं दिल्ली के लोगों की ओर से केंद्र सरकार को धन्यवाद देना चाहता हूं।’’ केजरीवाल ने आगे कहा कि केंद्र ने अपनी प्रतिक्रिया में कुछ सवाल पूछे हैं, जिनका जवाब दिल्ली सरकार तीन से चार दिनों में दे देगी। इसके बाद उन्होंने ने कहा, ‘‘मैंने मुख्य सचिव और संबंधित अधिकारियों के साथ एक बैठक की, जिसमें उन्हें केंद्र के इन सवालों के जवाब देने के निर्देश दिए। अब इसमें कोई अन्य बाधा नहीं आनी चाहिए और केंद्र जल्द ही इसे मंजूरी देकर अनधिकृत कॉलोनियों की संपत्तियों के पंजीकरण का मार्ग प्रशस्त करेगा।’’अनाधिकृत कॉलोनियों में रहने वाले लोगों का संपत्तियों के मालिकाना हक का सपना जल्द साकार होगा।
दिल्ली के शहरी विकास मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा कि दिल्ली सरकार के प्रस्ताव के अनुसार, 1,797 कॉलोनियों को नियमित किया जाना है और संपत्तियों की रजिस्ट्री के लिए कट-ऑफ की तारीख 1 जनवरी 2015 होगी। उन्होंने कहा कि आप सरकार ने सत्ता में आते ही अनाधिकृत कॉलोनियों के निवासियों को मालिकाना हक देने का काम शुरू कर दिया था। मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘हम पिछले चार से पांच वर्षों से इसके लिए कोशिश कर रहे हैं और मुझे लगता है कि केंद्र भी इसके लिए प्रयासरत है। मुझे नहीं लगता कि यह चर्चा करने का समय है कि इसमें देरी क्यों हुई या इसमें देरी किसने की। यह अच्छी बात है कि चीजें आगे बढ़ रही हैं।’’
यह पूछे जाने पर कि क्या आप सरकार लोकसभा चुनावों के बाद भाजपा नीत केंद्र सरकार के करीब जा रही है, इसपर केजरीवाल ने कहा कि उनकी पार्टी कभी किसी से लड़ाई नहीं करना चाहती है। उन्होंने कह कि हमारा मकसद कभी भी किसी व्यक्ति, पार्टी या सरकार से लड़ने का नहीं रहा है। राष्ट्रीय राजधानी का विकास तभी होगा जब दिल्ली सरकार और केंद्र सरकार एक साथ मिलकर काम करेंगे। इसके बाद उन्होंने कहा, ‘‘केंद्र के साथ मिलकर काम करना हमेशा से हमारा प्रयास रहा है। कई प्रस्तावों को अब मंजूरी मिल रही हैं और यह बहुत अच्छी बात है।’’
