Chaitanya Baghel News: छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट द्वारा चैतन्य बघेल को ज़मानत दिए जाने पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने खुशी जाहिर की है। बेटे को जमानत मिलने पर भूपेश बघेल ने कहा कि आज चैतन्य रिहा होने वाला है। सब बहुत खुश हैं…उसे उसके जन्मदिन पर गिरफ्तार किया गया था और आज वो मेरे पोते के जन्मदिन पर रिहा होने वाला है…न्यायालय को अपने फैसले का अध्ययन करना चाहिए।

वहीं, चैतन्य बघेल को जमानत मिलने पर कांग्रेस नेता टी.एस. सिंहदेव ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में ईडी आदि के माध्यम से गिरफ़्तारी का तांडव चला है, ये अव्यवहारिक, गलत और गैरकानूनी है। कई लोगों पर इस प्रकार की कार्रवाई की गई। चैतन्य को उसी प्रकार के मामले में ज़मानत मिली है।

देव ने कहा कि अनेकों मामले ऐसे हैं जिसमें सबूत भी नहीं मिलते। जांच के दौरान ही बंदी बनाकर सजा पहले ही सुना दी और बाद में पता चलता है कि कोई सबूत ही नहीं है। ये पूरी प्रक्रिया ही गलत है।

बता दें, छत्तीसगढ़ के चर्चित आबकारी घोटाले में जेल में बंद रहे पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को आज (शनिवार) को जेल से रिहा किया जाएगा। शुक्रवार को हाईकोर्ट ने उन्हें प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (ईओडब्ल्यू) के दोनों मामलों में जमानत दे दी थी। इसके बाद रायपुर जिला कोर्ट में रिहाई की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है।

चैतन्य बघेल पिछले करीब 170 दिनों से रायपुर की केंद्रीय जेल में बंद थे। उन्हें 18 जुलाई को उनके जन्मदिन के दिन गिरफ्तार किया गया था। अब जमानत मिलने के बाद उनकी रिहाई ऐसे समय में हो रही है, जब उनके बेटे विवांश का जन्मदिन है।

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चैतन्य बघेल की रिहाई की खबर मिलते ही जेल के बाहर कांग्रेस समर्थकों और कार्यकर्ताओं की भीड़ जुटने लगी है। शहर कांग्रेस अध्यक्ष कुमार मेनन ने आरोप लगाया कि जमानत मिलने के बावजूद रिहाई में जानबूझकर देरी की गई। उन्होंने कहा कि सरकार चाहे जो भी कोशिश करे, सच्चाई को दबाया नहीं जा सकता।

क्या है पूरा मामला?

बता दें, छत्तीसगढ़ में करीब 2800 करोड़ रुपये के कथित शराब घोटाले की जांच के दौरान प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने चैतन्य बघेल को 17 जुलाई 2025 को गिरफ्तार किया था। ईडी का कहना है कि इस घोटाले से मिले 800 करोड़ रुपये से ज्यादा पैसे को रियल एस्टेट के कारोबार में लगाया गया। जांच एजेंसियों के अनुसार, घोटाले की रकम को अलग-अलग तरीकों से इधर-उधर किया गया ताकि उसका पता न चल सके। इस मामले में पूर्व आबकारी मंत्री कावासी लखमा, पूर्व मुख्यमंत्री की पूर्व उपसचिव सौम्या चौरसिया, निरंजन दास, एपी त्रिपाठी समेत कई अधिकारी और कारोबारी अभी भी जेल में बंद हैं। चैतन्य बघेल को हाईकोर्ट से मिली जमानत को इस पूरे मामले में एक अहम मोड़ माना जा रहा है।

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