देश की राजधानी दिल्ली में प्रदूषण खतरनाक स्तर तक पहुँच गया है। यहां की हवा दिन पर दिन और दूषित होती जा रही है जिसका सीधा असर आम लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। इस प्रदूषण से निपटने के लिए केंद्रीय पर्यवरण मंत्री हर्षवर्धन ने एक बैठक बुलाई थी। इस बैठक में दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, उत्तरप्रदेश और राजस्थान के पर्यावरण मंत्रियों को बुलाया गया था लेकिन आलम ये रहा कि इस महत्वपूर्ण बैठक में सिर्फ दिल्ली के पर्यावरण मंत्री ही पहुंचे। गौरतलब है कि दिल्ली की वायु गुणवत्ता बहुत ख़राब श्रेणी में है।
बुलाई गयी इस मीटिंग में कई राज्यों के ना तो मुख्यसचिव और ना ही पर्यावरण सचिव बैठक में पहुंचे। कई राज्यों ने तो सिर्फ जूनियर अधिकारी ही भेजे। मीटिंग में प्रदेशों के पर्यावरण मंत्रियों के ना आने पर केंद्रीय पर्यावरण मंत्री हर्षवर्धन ने बचाव करते हुए कहा कि वो एक अलग मुद्दा है, हम अधिकारियों से बात कर रहे है। बैठक में सिर्फ दिल्ली के पर्यावरण मंत्री ही अपने अधिकारयों समेत पहुंचे थे।
केंद्रीय पर्यावरण मंत्री ने इस दिवाली कम प्रदूषण वाले पटाखे इस्तेमाल करने की अपील की साथ ही उन्होंने कहा कि, “आने वाले 10 दिनों तक प्रदूषण में राहत मिलते नहीं दिखाई पड़ रही।” उन्होंने प्रदूषण नियंत्रण में लोगों की सहभागिता हो इसके लिए अपील की, दिल्ली में 40 से ज्यादा मैकेनाइज्ड मशीनों का इस्तेमाल करके सड़कों की धूल साफ की जा रही है।
दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण की रोकथाम के लिए बुलाई गयी मीटिंग में केंद्रीय पर्यावरण मंत्री ने कहा कि, आगामी 10 दिन पर्यावरण नियमों को लेकर सख्ती बरती जाएगी। आज से 71 टीमें निगरानी के लिए भेजी जाएँगी साथ ही पंजाब और हरियाणा को पराली जलाने से रोकने के लिए कहा गया है। दिल्ली सरकार और दिल्ली नगर निगम को भी केंद्रीय पर्यावरण कमेटी द्वारा दिए गए सुझावों को सख्ती से पालन करने के निर्देश केंद्रीय मंत्री हर्षवर्धन ने दिए है। उन्होंने कहा कि प्रदूषण की मॉनिटरिंग के लिए 44 टीमें दिल्ली में तथा 8 टीमें NCR गुड़गांव, गाजियाबाद और नोएडा भेजी गयी है।
Central Pollution Control Board (CPCB) tells Supreme Court that a social media account on Facebook & Twitter has been created to allow citizens to complaints about pollution & so far it has received 18 complaints.
SC asks CPCB to publicise the opening of social media sites.— ANI (@ANI) November 1, 2018
बीते दो दिनों में दिल्ली की हवा बहुत प्रदूषित हुई है। हवा की क्वालिटी बहुत ही ख़राब स्तर तक पहुँच गयी। आम दिनों के मुकाबले बुधवार को ही दिल्ली में हवा की क्वालिटी 366 थी। विशेषज्ञ की एक टीम द्वारा कहा जा रहा है कि अगले 2 दिन दिल्ली के लिए काफी मुश्किल भरे हो सकते है। NDMC द्वारा पेड़ों पर पानी का छिड़काव किया जा रहा है जिससे पत्तों पर जमीं धूल साफ़ हो सके और शुद्ध हवा मिल सके।
पब्लिक ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा दिया जा रहा है, दिल्ली मेट्रो द्वारा लगाए जा रहे दिन के चक्करों में बढ़ोत्तरी की गयी है 21 नयी ट्रेन चलाकर अब करीब 812 फेरे ज्यादा लगाए जायेंगे। इसके पहले दिल्ली के प्रदूषण को लेकर केजरीवाल ने केंद्र सरकार के साथ पंजाब और हरियाणा सरकार को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि हमारे तमाम प्रयासों के बावजूद दूसरी सरकारें कुछ भी करने के लिए तैयार नहीं है। रविवार को पीएम मोदी ने पंजाब के उन किसानों की तारीफ़ की जो खेतों में पराली नहीं जलाते, बावजूद इसके कोई असर देखने को नहीं मिला।
