राजस्थान के जयपुर जिले के चौमूं में पिछले दिनों भीषण हिंसा देखने को मिली थी। मस्जिद के बाहर रेलिंग लगाने को लेकर बवाल हुआ था और पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा। इस हिंसा के दौरान कई पुलिसकर्मी घायल हो गए थे।

हिंसा के बाद पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए 24 पत्थरबाजों के घरों पर नोटिस चस्पा किए थे और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की गई। शुक्रवार सुबह ही बुलडोजर चौमूं पहुंच गए और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी गई। एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक चौमूं की पठान कॉलोनी में नोटिस दिए गए थे। 29 दिसंबर को अवैध निर्माण और अवैध बूचड़खानों को लेकर करीब 20 से अधिक लोगों को तीन दिन का नोटिस जारी किया गया था। नोटिस का कोई जवाब नहीं मिलने के बाद अब बुलडोजर कार्रवाई की जा रही है।

अगर चौमूं हिंसा की वजह की बात करें, तो इसकी जड़ मस्जिद के पास बनाई गई रेलिंग से जुड़ी हुई है। हिंसा से पहले पुलिस और स्थानीय लोगों के बीच लंबी बातचीत हुई थी, जिसके बाद एक पत्थर हटाने पर सहमति बनी थी। लेकिन जब वह पत्थर हटाया गया, तो कुछ लोगों ने वहां रेलिंग लगाना शुरू कर दिया।

पुलिस ने जब इसका विरोध किया, तो एक समुदाय विशेष के कुछ लोगों ने पत्थरबाजी शुरू कर दी। इस घटना में कई पुलिसकर्मी घायल हुए थे। अब हिंसा के बाद चल रही बुलडोजर कार्रवाई को लेकर नगर परिषद के हेल्थ इंस्पेक्टर संदीप सिंह काव्या ने कहा कि तीन दिन पहले 20 से 22 लोगों को नोटिस दिया गया था। उन्होंने बताया कि इन लोगों ने सड़क पर अतिक्रमण कर रखा था और उन्हें तुरंत अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए गए थे। तीन दिन बीत जाने के बावजूद अतिक्रमण नहीं हटाया गया, जिसके बाद नगर परिषद की ओर से अब इसे हटाने की कार्रवाई की जा रही है।