बांग्लादेश बार्डर पर शहीद हुए बीएसएफ के हेड कांस्टेबल विजयभान यादव का पार्थिव शरीर शनिवार को उनके गांव चमरौली पहुंचा। गांव में पार्थिव शरीर पहुंचते ही कोहराम मच गया। वहीं अंतिम संस्कार के दौरान जिला प्रशासन की बड़ी लापरवाही देखने को मिली, जहां घाट पर लाइट का इंतजाम न होने के कारण शहीद का अंतिम संस्कार मोबाइल की रोशनी में करना पड़ा।
टार्च की रोशनी शहीद का अंतिम संस्कार: न्यूज 18 के मुताबिक, टार्च के रोशनी में ही शहीद जवान को सलामी दी गई। इसके अलावा शहीद के बेटे ने टार्च की रोशनी में ही मुखाग्नि भी दी। इस मामले पर बात करते हुए वहां के जिलाअधिकारी ने कहा कि अंतिम संस्कार को लेकर कहा कि थोड़ा लेट होने की वजह से यह हुआ है। हालांकि गांव में लाइट थी।
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शहीद के घरवालों ने पट्रोल पंप की मांग रखी: बता दे कि गांव वालों ने अंतिम संस्कार से पहले शहीद के परिजनों ने जमकर हंगामा किया और संस्कार करने से इनकार कर दिया था। परिवारवालों की मांग थी पहले उनके बेटे को नौकरी तथा उनकी पत्नी के नाम से एक पेट्रोल पंप दिया जाए। मौके पर पहुंच जिलाधिकारी ने परिवारवालों को लिखित में भरोसा दिया तब जाकर परिजनों ने अंतिम संस्कार किया।
दशकों बाद बीजीबी ने कि बीएसएफ पर फायरिंग: दरअसल पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के काकमरीचार में अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर गुरुवार को बॉर्डर गार्ड्स बांग्लादेश (बीजीबी) की गोलीबारी में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के जवान विजयभान यादव शहीद हो गए और एक अन्य जवान घायल हो गया। इस घटना ने खुफिया एजेंसियों को चौका दिया है। क्योंकि दशकों बाद बीएसएफ और बीजीबी के बीच गोला चली है।
एक अन्य कांस्टेबल घायल: मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक फ्लैग मीटिंग से लौटते समय सिर पर गोली लगने से हेड कांस्टेबल विजयभान सिंह यादव शहीद हो गए। वहीं एक अन्य कांस्टेबल घायल हो गया। बता दें कि यह फ्लैंग मीटिंग बीजीबी के जरिए दिन में हिरासत में लिए गए। भारतीय मछुआरों को सुरक्षित वापस करने के लिए आयोजित किया गया था।

