मध्य प्रदेश समेत देश के 12 राज्यों में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की प्रक्रिया जारी है। दतिया जिले में उस समय विवाद खड़ा हो गया, जब कथित तौर पर BJP और RSS से जुड़े कई लोगों को चल रहे SIR के लिए बूथ-लेवल अधिकारियों (BLO) के असिस्टेंट के तौर पर नियुक्त किया गया। ज़िला प्रशासन ने बाद में इस शामिल करने को एक अनजाने में हुई गलती बताया और नाम हटाने की कार्रवाई शुरू की। इस घटना की विपक्षी कांग्रेस ने आलोचना की और आरोप लगाया कि BJP चुनावी रिवीजन प्रक्रिया को प्रभावित कर रही है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने बीजेपी पर साधा निशाना

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सोशल मीडिया पर आधिकारिक लिस्ट की एक कॉपी शेयर करते हुए दावा किया कि कम से कम चार नियुक्त व्यक्ति BJP के सदस्य या पदाधिकारी थे। दतिया कलेक्टर स्वप्निल वानखेड़े ने PTI को बताया कि BLO असिस्टेंट की लिस्ट में तीन राजनीतिक रूप से जुड़े नाम गलती से शामिल हो गए थे।

दतिया कलेक्टर स्वप्निल वानखेड़े ने कहा, “मैंने यह आदेश जारी नहीं किया था। यह दतिया विधानसभा के SDM (सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट) ने जारी किया था। उन्हें अधिकारियों से लिस्ट मिली थी, और तीन नाम गलत तरीके से शामिल हो गए थे। इन लोगों को लिस्ट से हटाया जा रहा है। अलग-अलग विभागों ने असिस्टेंट के लिए नाम भेजे थे, और तीन गलती से जुड़ गए थे। इसमें कोई गलत इरादा नहीं था। अधिकारी (SDM) का ऐसा कोई इरादा नहीं था, लेकिन उनसे गलती हो गई। हमने उनसे पूछा है कि यह कैसे हुआ।”

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मनीष मिश्रा, जिन पर जीतू पटवारी ने BJP कार्यकर्ता होने का आरोप लगाया है, उन्होंने द इंडियन एक्सप्रेस को बताया, “मैं BJP में कोई पद नहीं रखता। मैं पार्टी से जुड़ा एक छोटा-मोटा कार्यकर्ता हूं। स्थानीय प्रशासन ने इस विवाद को लेकर मुझसे संपर्क नहीं किया है।” एक और व्यक्ति जिसकी पहचान बॉबी राजा के रूप में हुई है, उन्होंने भी आरोपों से इनकार किया। बॉबी राजा ने कहा, “मैं BJP या RSS से जुड़ा नहीं हूं। मुझे SIR प्रक्रिया में मदद करने के लिए BLO के असिस्टेंट के तौर पर नियुक्त किया गया था। स्थानीय अधिकारियों ने मुझे इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी है।”

लिस्ट में बताए गए अन्य दो नामों से संपर्क नहीं हो सका। जीतू पटवारी ने लिखा कि SIR जैसी संवैधानिक प्रक्रिया को भी प्रशासन द्वारा राजनीतिक रूप से मैनिपुलेट किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब सत्ता में बैठी पार्टी हर संस्था को अपने रंग में रंगने लगती है, तो लोकतंत्र को नुकसान होता है और कहा कि कांग्रेस चुनावी प्रक्रिया के दुरुपयोग के किसी भी प्रयास का विरोध करेगी।

बीजेपी ने क्या कहा?

वहीं पूरे मामले पर BJP प्रवक्ता शिवम शुक्ला ने कहा, “SIR एक देशव्यापी अभियान है जो बड़े पैमाने पर किया जा रहा है। इसमें कुछ दिक्कतें आ सकती हैं, और राजनीतिक पार्टियां एफिडेविट के साथ चुनाव आयोग से संपर्क करने के लिए आज़ाद हैं। BJP का मानना है कि यह अभियान निष्पक्ष और पारदर्शी होना चाहिए।”